Last updated: November 1st, 2026 at 01:54 pm

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ महारैली आयोजित की। इस रैली में बिहार के नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी शामिल हुए। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिकों के अधिकारों को बचाने की है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी की जा रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में विपक्षी दल एकजुट होकर रामलीला मैदान पहुंचे हैं। तेजस्वी के मुताबिक, इस लड़ाई में अब राजनीतिक दलों के साथ आम जनता भी अपनी भागीदारी निभा रही है।
‘वोट चोरी के खिलाफ एकजुट हुआ विपक्ष’
रामलीला मैदान में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि INDIA गठबंधन में शामिल सभी दल लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक मंच पर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के जरिए लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है।
तेजस्वी ने दावा किया कि जनता के बीच भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है और रैली को लोगों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए विपक्ष अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लंबे समय तक छिपाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करने वालों को जनता के सवालों का जवाब देना होगा। तेजस्वी ने विपक्षी एकता को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में जरूरी बताया।
खरगे के आवास से रामलीला मैदान तक निकला मार्च
महारैली से पहले INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एकत्र हुए। इसके बाद नेता खुले वाहनों में सवार होकर कनॉट प्लेस पहुंचे। यहां से मार्च निकालते हुए सभी रामलीला मैदान पहुंचे, जहां गठबंधन के नेताओं ने मंच से अपनी बात रखी।
यह आयोजन कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर एक दिन पहले हुई प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही के बाद किया गया। विपक्षी दलों ने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और नागरिक समाज के लोगों से भी रैली में शामिल होने की अपील की थी। गठबंधन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ट्रैफिक पर भी पड़ा असर
रैली को लेकर रामलीला मैदान में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। आयोजन स्थल को 14 जोन में बांटा गया था। 4 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां भी सुरक्षा में लगाई गईं। निगरानी के लिए 200 से ज्यादा CCTV कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
भीड़ को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं ने करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान लगभग 50 हजार लोगों के जुटने का था। रैली के कारण दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लागू ट्रैफिक पाबंदियों के मद्देनजर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
SIR और वोट चोरी के आरोपों पर सियासी टकराव
दरअसल, INDIA गठबंधन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग को लगातार घेर रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग विपक्ष के आरोपों को खारिज करता रहा है।
रामलीला मैदान की इस रैली के जरिए विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। अब राजनीतिक नजरें इस बात पर हैं कि इस प्रदर्शन के बाद INDIA गठबंधन अपनी आगे की रणनीति में कौन से कदम उठाता है।
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