Last updated: November 1st, 2026 at 02:50 pm

झारखंड में मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली के बाद अब बीजेपी ने भी जवाबी अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। पार्टी ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ राज्य के छह जिलों में पदयात्रा निकालेगी। अभियान का पहला चरण 2 नवंबर से शुरू होकर 5 नवंबर तक चलेगा।
बीजेपी ने इस कार्यक्रम के लिए जिलावार तारीखें तय करने के साथ ही नेताओं को जिम्मेदारियां भी सौंप दी हैं। पहले चरण में रांची, गिरिडीह, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर और दुमका में पदयात्रा आयोजित की जाएगी।
रांची से शुरू होगा बीजेपी का अभियान
पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 2 नवंबर को रांची में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद अगले चार दिनों में पांच अन्य जिलों में भी कार्यक्रम होंगे।
जिलावार जिम्मेदारियों के तहत रांची में प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह को कमान दी गई है। 3 नवंबर को गिरिडीह में प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी और हजारीबाग में पूर्व विधायक बिरंची नारायण अभियान का नेतृत्व करेंगे। 4 नवंबर को पलामू में प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, 5 नवंबर को जमशेदपुर में विधायक राज सिन्हा और दुमका में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा पदयात्रा की अगुवाई करेंगे।
छठ के बाद पूरे राज्य में विस्तार की तैयारी
बीजेपी प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। पहले चरण में दीपावली से पहले छह जिलों में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद छठ महापर्व समाप्त होने पर राज्य के बाकी जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पार्टी का दावा है कि इन पदयात्राओं में हर जिले से हजारों कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे। बीजेपी इसे कांग्रेस के अभियान के जवाब में जनता के बीच अपनी बात रखने का माध्यम बता रही है।
SIR के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरेगी BJP
इस अभियान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा भी प्रमुख रहेगा। बीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची में मृत, दूसरे स्थान पर जा चुके, दोहरे और अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच जरूरी है। पार्टी इसे मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया बता रही है।
बीजेपी प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने कांग्रेस पर चुनाव में हार के बाद चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पदयात्रा के जरिए पार्टी कांग्रेस के इस रुख को जनता के सामने रखेगी।
आपातकाल और केंद्र सरकार की योजनाओं का भी होगा जिक्र
बीजेपी ने पदयात्रा के दौरान आपातकाल के दौर को भी प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी की है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, लोगों के बीच लोकतांत्रिक अधिकारों, संवैधानिक संस्थाओं और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल, विकास योजनाओं और सुशासन से जुड़े कार्यों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
कांग्रेस के ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के बाद बीजेपी की इस पदयात्रा से झारखंड में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। छह जिलों से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम छठ के बाद राज्यव्यापी अभियान का रूप लेगा।
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