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यूपी PET परीक्षा के अभ्यर्थियों को राहत, प्रशासन ने चलाईं अतिरिक्त बसें और विशेष ट्रेनें; 60 जिलों में बनाए गए 1,372 केंद्र

  उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार
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    उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार और परिवहन विभाग ने विशेष इंतजाम किए। परीक्षा के अंतिम दिन रविवार, 1 नवंबर को भी अलग-अलग जिलों में अभ्यर्थियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए अतिरिक्त बसों और विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने और परीक्षा समाप्त होने के बाद सुरक्षित घर लौटने में उम्मीदवारों को परेशानी से बचाना था।

     

    उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से आयोजित PET परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को तीन चरणों में कराई गई। परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 1,372 केंद्रों पर आयोजित हुई। इसके लिए करीब 35.41 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। प्रत्येक पाली में लगभग 5.90 लाख उम्मीदवारों के लिए व्यवस्था की गई थी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में हुई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित थी।

     

    अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को परीक्षा तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की थी। उन्होंने निर्देश दिया था कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त बसें और ट्रेनें उपलब्ध कराई जाएं। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और प्रमुख सड़कों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया था।

     

    लखनऊ में परीक्षा देने आने वाले उम्मीदवारों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की। आलमबाग, कैसरबाग और अवध बस स्टेशन से परीक्षार्थियों को 24 घंटे बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई। इसमें साधारण बसों के साथ एसी जनरथ बसें भी शामिल थीं। उम्मीदवारों को ऑनलाइन सीट बुकिंग की सुविधा भी दी गई। अलग-अलग मार्गों पर अभ्यर्थियों की संख्या और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाने की व्यवस्था की गई।

     

    लखनऊ में परीक्षा के लिए बिहार समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में उम्मीदवार पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिहार से लगभग 10,122 अभ्यर्थियों को लखनऊ में परीक्षा के लिए बुलाया गया था। इसके अलावा बलिया, बाराबंकी, हरदोई, रायबरेली, गोरखपुर और अंबेडकर नगर सहित कई जिलों से भी हजारों उम्मीदवारों के पहुंचने की संभावना थी। इस वजह से बस स्टेशनों पर अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।

     

    गोरखपुर क्षेत्र में भी परिवहन निगम ने बड़े स्तर पर तैयारी की थी। रिपोर्टों के अनुसार, PET के तीन परीक्षा दिवसों के लिए लगभग 550 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई थी। इनमें स्थानीय मार्गों के साथ दूसरे जिलों में जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए बसें शामिल थीं। रेलवे प्रशासन ने भी गोरखपुर से लखनऊ और आजमगढ़ सहित विभिन्न मार्गों पर परीक्षा विशेष ट्रेनों का संचालन निर्धारित किया था। इन सेवाओं का उद्देश्य परीक्षा के बाद यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालना था।

     

    मुरादाबाद में भी अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए। 25 अक्टूबर को भारी भीड़ संभालने के लिए आठ विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं। रेलवे स्टेशनों पर पुलिस, राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान तैनात किए गए। महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा और स्टेशन परिसर में भीड़ प्रबंधन पर भी ध्यान दिया गया। जरूरत के अनुसार अन्य मार्गों पर भी विशेष रेल सेवाओं का संचालन किया गया।

     

    परिवहन व्यवस्था के साथ परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम भी कड़े रखे गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहे और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाए। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था की गई। UPSSSC मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया, जहां से परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखी गई। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, होटल और धर्मशालाओं में भी अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया था।

     

    PET परीक्षा उत्तर प्रदेश में विभिन्न समूह ‘ग’ पदों पर भर्ती की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से उम्मीदवारों को आगे की संबंधित भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने की पात्रता मिलती है। इस बार बड़ी संख्या में पंजीकरण होने के कारण परीक्षा का आयोजन और अभ्यर्थियों की आवाजाही प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रही।

     

    1 नवंबर को परीक्षा का अंतिम चरण पूरा होने के साथ अब उम्मीदवारों की निगाहें आयोग की आगे की प्रक्रिया और परिणाम संबंधी घोषणाओं पर रहेंगी। प्रशासन की ओर से किए गए परिवहन और सुरक्षा इंतजामों का उद्देश्य यही था कि लाखों अभ्यर्थी बिना अनावश्यक परेशानी के परीक्षा में शामिल हो सकें।

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