Last updated: November 4th, 2026 at 11:50 am

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेता आगा रूहुल्लाह के पार्टी से इस्तीफा देने और लोकसभा सदस्यता छोड़ने के फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने श्रीनगर स्थित मुख्यालय ‘नवाई सुबह’ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी नेतृत्व का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि रूहुल्लाह के इस कदम से नेशनल कॉन्फ्रेंस कमजोर नहीं होगी, बल्कि इसका राजनीतिक फायदा बीजेपी को मिल सकता है।
विधायक सलमान अली सागर और विधायक सज्जाद शाहीन ने रूहुल्लाह के फैसले को उनका निजी राजनीतिक निर्णय बताया। साथ ही, उन्होंने इस्तीफा देने के तरीके और पार्टी नेतृत्व को लेकर की गई टिप्पणियों पर सवाल उठाए।
सलमान सागर बोले- पार्टी छोड़ने के बजाय भीतर उठानी चाहिए थीं चिंताएं
सलमान अली सागर ने कहा कि हर व्यक्ति को पार्टी नेतृत्व से सवाल पूछने और अपनी राजनीतिक राह चुनने का लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि, उन्होंने कहा कि रूहुल्लाह को अपनी नाराजगी और चिंताएं पार्टी के भीतर रखनी चाहिए थीं। इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों से बातचीत की जा सकती थी।
सागर ने यह भी सवाल किया कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले रूहुल्लाह ने कितने विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की थी। उनके मुताबिक, रूहुल्लाह पार्टी संगठन के साथ लगातार संपर्क में भी नहीं थे।
अनुच्छेद 370 और 35A के मुद्दे पर भी दिया जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान सागर ने अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का रुख पहले से स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि इन विषयों को पार्टी छोड़ने की वजह नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि पार्टी ने इन पर अपना राजनीतिक रुख कायम रखा है।
सागर ने पार्टी के लंबे राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। पार्टी ने कई दशकों तक राजनीतिक चुनौतियों और दबावों का सामना किया है। इसलिए किसी एक नेता के जाने से संगठन की बुनियाद कमजोर नहीं होगी।
BJP पर लगाया ‘ऑपरेशन लोटस’ को फायदा पहुंचाने का आरोप
रूहुल्लाह के इस्तीफे पर निशाना साधते हुए सलमान सागर ने आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हें नेशनल कॉन्फ्रेंस से अलग करने की कोशिशों में सफल रही है। उन्होंने इस घटनाक्रम को कश्मीर में ‘ऑपरेशन लोटस’ की संभावित सफलता बताया।
सागर का कहना था कि इस राजनीतिक घटनाक्रम से अंततः बीजेपी के एजेंडे को फायदा पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को जनता का जनादेश लोगों और समुदायों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मिला है, न कि किसी एक व्यक्ति के हितों की पूर्ति के लिए।
सज्जाद शाहीन ने भी फैसले के तरीके पर जताई नाराजगी
विधायक सज्जाद शाहीन ने भी रूहुल्लाह के पार्टी छोड़ने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व से असहमति जताना हर किसी का अधिकार है, लेकिन जिस तरीके से इस पूरे मामले को सामने लाया गया, वह अफसोसजनक है।
शाहीन ने कहा कि आगा रूहुल्लाह का राजनीतिक सफर नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़ा रहा है और उनके योगदान को पार्टी के इतिहास से अलग करके नहीं देखा जा सकता। हालांकि, उनके जाने से संगठन को बड़ा नुकसान होने की आशंका को उन्होंने खारिज किया।
आगे भी जारी रहेगी पार्टी की राजनीतिक गतिविधियां
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने स्पष्ट किया कि रूहुल्लाह के इस्तीफे के बावजूद पार्टी अपने संगठन और राजनीतिक एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी। उनके मुताबिक, राजनीतिक मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह हैं, लेकिन पार्टी की ताकत उसके कार्यकर्ताओं और जनता के समर्थन में है।
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