Human Live Media

HomeNewsहाजी मुबारक गुल ने आखिरी वक्त पर टाली प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- सही समय आने पर रखूंगा अपनी बात

हाजी मुबारक गुल ने आखिरी वक्त पर टाली प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- सही समय आने पर रखूंगा अपनी बात

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में जारी हलचल के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और ईदगाह से विधायक हाजी मुबारक गुल
WhatsApp Image 2026-11-04 at 3.25.43 PM

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में जारी हलचल के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और ईदगाह से विधायक हाजी मुबारक गुल ने बुधवार को अपनी प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस टाल दी। उन्होंने यह फैसला अपने पुराने साथियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद लिया। गुल ने कहा कि वह करीब पांच दशक से उनके साथ जुड़े कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हैं और फिलहाल इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलना चाहते।

Table of Contents

    श्रीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान हाजी मुबारक गुल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात और राजनीतिक माहौल को देखते हुए उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने का निर्णय लिया है। उनके मुताबिक, उनके कई साथी और कार्यकर्ता वर्ष 1975 से उनके साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी भावनाओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा।

    कार्यकर्ताओं की सलाह के बाद लिया फैसला

    हाजी मुबारक गुल ने कहा कि उन्होंने अपने सहयोगियों और दोस्तों से बातचीत की है। उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस विषय पर बयान नहीं देने का फैसला किया गया है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि आज वह केवल इतना ही कहना चाहते हैं कि प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित कर दी गई है। गुल ने कहा कि सही समय आने पर वह अपनी बात रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आगे का फैसला अपने साथियों की सलाह के अनुसार ही करेंगे।

    बोले- मैं फाइटर हूं, लड़ता रहूंगा

    मीडिया से बातचीत के दौरान गुल ने कहा कि उन्हें किसी तरह की सफाई नहीं देनी है। उन्होंने अपने समर्थकों और मीडिया का आभार जताते हुए कहा, “इंशाल्लाह, सही समय आने पर बात होगी।” उन्होंने अपने राजनीतिक रुख का संकेत देते हुए कहा कि वह एक फाइटर हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे।

    समर्थकों ने लगाए समर्थन में नारे

    हाजी मुबारक गुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस टालने की घोषणा के दौरान उनके समर्थक भी मौके पर मौजूद थे। समर्थकों ने उनके पक्ष में नारे लगाए। इस दौरान ‘ईमानदार हाजी मुबारक गुल साहब जिंदाबाद’ और ‘आवाज दो, हम एक हैं’ जैसे नारे सुनाई दिए।

    फिलहाल गुल ने इस मुद्दे पर अपना रुख सार्वजनिक नहीं किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि वह अपने साथियों से सलाह-मशविरा करने के बाद उचित समय पर आगे की बात रखेंगे।

    Loading

    Comments are off for this post.