Last updated: November 4th, 2026 at 12:18 pm

बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कई बड़े दावे किए हैं। उन्होंने इस मामले में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा कि जब दुलारचंद यादव के साथ मारपीट की घटना हुई, तब उनकी गाड़ी घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर आगे निकल चुकी थी। अनंत सिंह ने दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार के साथ-साथ पुलिस अधिकारी कुंदन कृष्णन और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार का भी जिक्र किया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक निचली अदालत में सरेंडर करना है। इसी बीच उनका यह बयान सामने आया है, जिसने मोकामा की राजनीति से लेकर बिहार के सियासी गलियारों तक इस मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
‘मेरी गाड़ी घटनास्थल से 5 किलोमीटर आगे थी’
अनंत सिंह ने घटना के दिन की जानकारी देते हुए बताया कि वह मोकामा विधानसभा क्षेत्र के तारतड़ गांव में दुलारचंद यादव के घर खाना खाने गए थे। वहां से निकलने के बाद उनके साथ समर्थकों और गाड़ियों का काफिला था। कुछ गाड़ियां आगे निकल गई थीं, जबकि कुछ पीछे चल रही थीं।
उनके मुताबिक, जिस गाड़ी में वह खुद बैठे थे, वह घटनास्थल से लगभग 5 किलोमीटर आगे पहुंच चुकी थी। इसी दौरान उन्हें फोन पर सूचना मिली कि पीछे लड़ाई हो गई है। इसके बाद उन्होंने काफिले में पीछे चल रही गाड़ियों में फोन कर विवाद के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की।
अनंत सिंह ने दावा किया कि जिस जगह से वह खाना खाकर निकले थे, वहीं दुलारचंद यादव ने लड़ाई शुरू की थी। उन्होंने कहा कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थे और इस पूरे मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
मोबाइल फोन से मिली हत्या की जानकारी
दुलारचंद यादव की हत्या की खबर मिलने के सवाल पर अनंत सिंह ने बताया कि मोबाइल फोन के जरिए घटना की सूचना फैल गई थी। हर तरफ इसकी चर्चा होने लगी थी और इसी माध्यम से उन्हें भी हत्या की जानकारी मिली। अनंत सिंह का कहना है कि घटना के वक्त वह घटनास्थल से दूर थे। हालांकि, हत्याकांड में उनका नाम सामने आने के बाद से ही यह मामला लगातार राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बना हुआ है।
दुलारचंद के पोते नीरज कुमार पर लगाया आरोप
अनंत सिंह ने दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान में जिस नीरज कुमार का जिक्र है, वह दुलारचंद यादव के पोते हैं, न कि जेडीयू नेता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार।
अनंत सिंह का दावा है कि दुलारचंद यादव के पोते की वजह से ही उनका नाम इस हत्याकांड में आया। उन्होंने कहा कि जब वह इस मामले में जेल गए, तब नीरज कुमार सुप्रीम कोर्ट चले गए। इस तरह अनंत सिंह ने अपने बयान में दो अलग-अलग व्यक्तियों का नाम लिया और दोनों के बीच अंतर भी स्पष्ट किया।
कुंदन कृष्णन और एमएलसी नीरज कुमार पर भी उठाए सवाल
अपने बयान में अनंत सिंह ने बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कुंदन कृष्णन और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार का भी नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे मामलों में इन दोनों की भूमिका उनके खिलाफ रही है।
हालांकि, कुंदन कृष्णन से जुड़े एक पुराने विवाद का जिक्र करते हुए अनंत सिंह ने बताया कि उनके भांजे और पुलिस अधिकारी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उन्होंने खुद कुंदन कृष्णन से बातचीत की और अपने भांजे की गलती के लिए माफी मांगी थी।
अनंत सिंह के मुताबिक, उन्होंने कुंदन कृष्णन से अपने भांजे को माफ करने का अनुरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी कुंदन कृष्णन का कोई नुकसान नहीं किया और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की थी।
पुटुश हत्याकांड में भी फंसाने का आरोप
अनंत सिंह ने अपने पुराने आपराधिक मामलों का जिक्र करते हुए पुटुश हत्याकांड को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया गया था और जांच के दौरान सामने आए दूसरे मामलों को भी उनके खिलाफ जोड़ दिया गया।
उनके इन बयानों के जरिए उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों में पुलिस और कुछ लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, ये आरोप अनंत सिंह की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का जवाब भी सामने आना बाकी है।
1 दिसंबर तक सरेंडर करना है, अदालत की कार्रवाई पर नजर
दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक निचली अदालत में सरेंडर करना है। ऐसे में सरेंडर की तारीख नजदीक आने के बीच उनका ताजा बयान काफी अहम माना जा रहा है।
अनंत सिंह खुद को निर्दोष बताते हुए घटना के वक्त घटनास्थल से 5 किलोमीटर दूर होने का दावा कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने दुलारचंद के पोते नीरज कुमार, एमएलसी नीरज कुमार और कुंदन कृष्णन को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
अब निगाहें 1 दिसंबर को होने वाली कानूनी कार्रवाई और इस मामले में आगे आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं। अनंत सिंह के आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्य ही मामले की आगे की दिशा स्पष्ट करेंगे।
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