Last updated: November 5th, 2026 at 11:39 am

जम्मू-कश्मीर के कश्मीर जोन में नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने इस साल बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। पुलिस ने ड्रग्स से जुड़े 1,500 से अधिक मामले दर्ज कर 1,941 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 1,711 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जबकि कथित ड्रग तस्करों की करीब 154 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।
कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) सुजीत कुमार सिंह ने गुरुवार, 5 नवंबर को श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है।
567 बैंक खाते फ्रीज, 10.11 करोड़ रुपये नकद बरामद
IGP के मुताबिक, पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर भी कार्रवाई की है। इसके तहत 567 बैंक खातों को फ्रीज किया गया और लगभग 10.11 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए।
इसके अलावा अवैध रूप से नशीले पदार्थों की खेती के लिए इस्तेमाल की जा रही करीब 2,111 कनाल जमीन को भी खाली कराया गया है। पुलिस का कहना है कि अभियान के तहत तस्करी से जुड़े लोगों और उनके आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है।
नशे की लत से जूझ रहे परिवारों से पुलिस की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस में IGP ने नशे की लत से परेशान परिवारों, खासकर अपने बच्चों को इस समस्या से बाहर निकालने के लिए संघर्ष कर रही माताओं से मदद मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवार चुप रहने के बजाय पुलिस से संपर्क करें। उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और हरसंभव सहायता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि परिजन किसी भी पुलिस स्टेशन में जाकर मदद मांग सकते हैं। पुलिस जरूरत के अनुसार नशा मुक्ति केंद्रों के जरिए इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था में सहयोग करेगी।
साइबर ठगी की 12 हजार से ज्यादा शिकायतें
IGP ने साइबर अपराध के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि इस साल कश्मीर में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी 12,385 शिकायतें मिली हैं। इन मामलों में 54 करोड़ रुपये से अधिक की रकम शामिल है।
पुलिस अब तक करीब 7.48 करोड़ रुपये बरामद कर चुकी है। बाकी रकम का पता लगाने और उसे वापस हासिल करने के प्रयास जारी हैं। इन मामलों में 93 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें सात मामले म्यूल बैंक खातों से जुड़े हैं। ऐसे खातों का इस्तेमाल अक्सर साइबर ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जाता है।
उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि वे किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, मोबाइल नंबर या पहचान से जुड़ी जानकारी न दें। संदिग्ध लेन-देन के लिए अपना खाता उपलब्ध कराना उन्हें भी वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में फंसा सकता है।
स्टंट बाइकिंग और मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती
पुलिस महानिरीक्षक ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने, बाइक पर खतरनाक स्टंट करने, एक ही बाइक पर तीन लोगों के बैठने और मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने जैसी गतिविधियां बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन रोकने और सड़क हादसों से बचने के लिए दिन और रात दोनों समय निगरानी तथा कार्रवाई तेज की गई है। युवाओं से ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील करते हुए उन्होंने पैदल यात्रियों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा।
सोशल मीडिया से सकारात्मक संदेश देने की अपील
IGP सुजीत कुमार सिंह ने युवाओं से सोशल मीडिया का इस्तेमाल सकारात्मक बदलाव के लिए करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा ऐसे वीडियो और रील बनाएं, जो लोगों को नशे से दूर रहने, सड़क पर स्टंट नहीं करने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस युवाओं की सकारात्मक पहलों का समर्थन करेगी। साथ ही कहा कि नशे की लत, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस के साथ परिवारों, बुजुर्गों, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
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