Last updated: November 5th, 2026 at 02:19 pm

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पुराने चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां गली सितारा, शीश महल में स्थित तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह गई। हादसे में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य राहत एजेंसियों ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया।
अधिकारियों के अनुसार, इमारत ढहने की सूचना सुबह करीब 9:50 बजे मिली। यह स्थान चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास स्थित है। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और उस समय वहां मजदूर मौजूद थे। इमारत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे आसपास के इलाके में धूल का गुबार फैल गया। तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।
सूचना मिलने के बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा की छह यूनिट मौके पर भेजी गईं। राहत और बचाव कार्य में पानी के टैंकर, क्विक रिस्पॉन्स वाहन और अन्य विशेष टीमें लगाई गईं। बाद में NDRF की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। संकरी गलियों के कारण भारी मशीनों और बचाव उपकरणों को घटनास्थल तक पहुंचाने में कठिनाई हुई। ऐसे में बचावकर्मियों को मलबा हटाने के लिए सावधानीपूर्वक काम करना पड़ा।
पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने सरकारी बचाव दल के पहुंचने से पहले ही कुछ लोगों को मलबे से बाहर निकाला था। बाद में राहत टीमों ने भी मलबे से लोगों को बाहर निकाला। दो लोगों को अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में चार लोग घायल हुए हैं। घटना के शुरुआती घंटों में कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई थी। बचाव दल ने मलबे में फंसे संभावित लोगों की तलाश जारी रखी।
पुलिस के अनुसार, हादसे के समय इमारत की तीसरी मंजिल पर कंक्रीट की स्लैब डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन ढांचा ढह गया। प्रारंभिक जांच में निर्माण की सुरक्षा व्यवस्था और इस्तेमाल की गई सामग्री पर सवाल उठे हैं। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान इस्तेमाल किए गए सहारे और सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी।
इस मामले में एक गंभीर पहलू यह भी सामने आया कि इमारत में कथित अवैध निर्माण की शिकायत पहले भी की गई थी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने करीब पांच महीने पहले, 15 जून को इस निर्माण के संबंध में नगर निगम को जानकारी दी थी। हालांकि, इस शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने निर्माण की अनुमति और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। इसके बाद नगर निगम ने संबंधित जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को निलंबित कर दिया। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दिल्ली पुलिस और नगर निगम की टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि निर्माण के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। एहतियात के तौर पर आसपास के कुछ भवनों को खाली कराने और उनकी स्थिति की जांच करने की कार्रवाई की गई।
चावड़ी बाजार की घटना ने राजधानी में पुराने और निर्माणाधीन भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घनी आबादी वाले इलाकों में बिना उचित अनुमति या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करके किए जा रहे निर्माण लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों का इलाज और हादसे के कारणों की जांच करना है।
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