Last updated: November 7th, 2026 at 05:41 am

बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश के बस्ती में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीतिक विरासत से लेकर उनके चुनाव लड़ने के फैसले और समाजवादी पार्टी के जनाधार तक पर सवाल उठाए।
हरीश द्विवेदी ने कहा कि अखिलेश यादव अपने दम पर नहीं, बल्कि पिता मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत के सहारे मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने पिता की विरासत को भी ठीक से संभाल नहीं पाए। मुलायम सिंह यादव ने संघर्ष करके राजनीति में अपनी पहचान बनाई थी, जबकि अखिलेश को परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि का लाभ मिला।
बीजेपी नेता ने अखिलेश यादव के चुनाव नहीं लड़ने वाले बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को डर है कि अगर वह चुनावी मैदान में उतरेंगे तो हार का सामना करना पड़ सकता है और प्रदेश की जनता के सामने उनका वास्तविक जनाधार भी उजागर हो जाएगा। द्विवेदी ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी जमीन पर कमजोर है और आगामी चुनाव में बीजेपी एक बार फिर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।
उन्होंने सपा शासनकाल को लेकर भी हमला बोला। हरीश द्विवेदी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान गरीबों, किसानों और मजदूरों के साथ अत्याचार हुआ था, जिसे उत्तर प्रदेश की जनता भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी लगातार चुनाव जीत रही है और आने वाले चुनाव में भी पार्टी की जीत का सिलसिला जारी रहेगा।
बीजेपी की पदयात्रा को लेकर भी दी सफाई
बीजेपी की ओर से निकाली जा रही पदयात्रा पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए हरीश द्विवेदी ने कहा कि पार्टी व्यापारियों, छात्रों और आम लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम आयोजित करती है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की ओर से फैलाए जा रहे कथित भ्रम और गलत सूचनाओं का जवाब जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह पदयात्रा निकाली जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि देशभर में अब तक 161 स्थानों पर पदयात्राएं पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही यह आंकड़ा 180 तक पहुंच जाएगा। बीजेपी का लक्ष्य सभी प्रशासनिक जिलों में लगभग 800 स्थानों पर पदयात्रा आयोजित करने का है। यह अभियान दीपावली से पहले और बाद में दो चरणों में चलाया जा रहा है।
SIR को लेकर कांग्रेस पर लगाए आरोप
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का समर्थन करते हुए द्विवेदी ने कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना एक सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यकाल में इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती रही है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित, दो जगह पंजीकृत और अवैध रूप से नाम जुड़वाने वाले लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए। बीजेपी नेता ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर इस प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस पर पुराने फैसलों को लेकर भी निशाना
हरीश द्विवेदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने देशहित से जुड़े कई बड़े फैसलों का विरोध किया है। उन्होंने अनुच्छेद 370 और 35A हटाने, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने इन मुद्दों पर बीजेपी के फैसलों का विरोध किया था।
बीजेपी नेता के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
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