Last updated: November 7th, 2026 at 06:10 am

झारखंड की राजनीति में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनके बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इरफान अंसारी को मंत्रिमंडल से तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही पार्टी ने मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग उठाई है।
भाजपा ने बयान को बताया भड़काऊ
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने मंत्री के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि इरफान अंसारी भारत की तुलना बांग्लादेश और नेपाल में हुए आंदोलनों से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री के बयान का आशय यह है कि राहुल गांधी युवाओं को आंदोलन करने से रोक रहे हैं, वरना भारत में भी पड़ोसी देशों जैसे हालात बन सकते हैं।
संदीप वर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर पार्टी चुनाव आयोग को सही मानती है, लेकिन हारने के बाद उसी संस्था पर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान देश में अशांति का माहौल पैदा कर सकते हैं।
क्या बोले थे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी?
दरअसल, डॉ. इरफान अंसारी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बयान देते हुए कहा था कि अगर सरकार ने समय रहते हालात नहीं संभाले और जनता की आवाज तथा अधिकारों को दबाना जारी रखा, तो भारत में भी बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
मंत्री ने दावा किया था कि देश के 40 लाख युवा और छात्र सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। हालांकि, राहुल गांधी उन्हें फिलहाल रोककर रखे हुए हैं। उनके मुताबिक, राहुल गांधी के एक इशारे से देश का माहौल बदल सकता है।
SIR और चुनाव आयोग को लेकर भी साधा था निशाना
अपने बयान में इरफान अंसारी ने एसआईआर के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरा था। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई थी।
मंत्री के इस बयान के बाद भाजपा ने उनके खिलाफ राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल, इरफान अंसारी के बयान को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी जारी है।
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