Last updated: September 10th, 2025 at 03:56 am

*बिहार में पहली बार
सासाराम। रोहतास जिला इस बार खेल इतिहास का गवाह बनने जा रहा है। जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में 13 से 17 सितंबर तक सीबीएसई राष्ट्रीय कबड्डी टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है। खास बात यह है कि बिहार में पहली बार इस स्तर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देशभर से 800 से अधिक बालक वर्ग के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अबू धाबी और कुवैत की टीमें भी कबड्डी की जोरदार भिड़ंत में हिस्सा लेंगी।
विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संस्थान के सचिव गोविन्द नारायण सिंह ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) हर साल राष्ट्रीय स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है। इस बार का कबड्डी टूर्नामेंट बिहार की धरती पर होने जा रहा है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।
40 से अधिक ऑफिशियल करेंगे संचालन
उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए सीबीएसई ने 40 से अधिक ऑफिशियल नियुक्त किए हैं। खेल मैदान, मैच प्रबंधन और रेफरिंग की पूरी व्यवस्था इन्हीं की देखरेख में होगी। वहीं प्रतिभागी खिलाड़ियों और टीम मैनेजरों के ठहरने, भोजन और परिवहन की व्यापक तैयारी की गई है।
देश के कोने-कोने से आएंगी टीमें
टूर्नामेंट में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, गोवा, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड, लक्षद्वीप, अंडमान निकोबार और पुडुचेरी सहित लगभग हर राज्य से खिलाड़ी आ रहे हैं। विदेशी टीमों में अबू धाबी और कुवैत की भागीदारी इस टूर्नामेंट को और खास बना रही है।
खिलाड़ियों की सुविधा पर विशेष ध्यान
गोविन्द नारायण सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सासाराम और डेहरी-ऑन-सोन रेलवे स्टेशन पर विद्यालय के प्रतिनिधिमंडल को 24 घंटे तैनात किया गया है ताकि खिलाड़ियों और टीमों के स्वागत एवं मार्गदर्शन में कोई कमी न रह जाए। सभी प्रतिभागियों के लिए वाहन की व्यवस्था की गई है, जिससे वे सीधे विश्वविद्यालय परिसर तक आसानी से पहुंच सकें। टीमों का आगमन 10 सितंबर से शुरू होगा और 12 सितंबर तक सभी टीमें पहुंच जाएंगी।
उद्घाटन कार्यक्रम 12 सितंबर को
खिलाड़ियों के आगमन के उपरांत 12 सितंबर की शाम को भव्य उद्घाटन सह स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। 13 सितंबर को विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह मशाल प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर सीबीएसई के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। टूर्नामेंट का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह 17 सितंबर को होगा।
विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस आयोजन
आयोजन समिति ने टूर्नामेंट को यादगार बनाने के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया है। परिसर में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल मैदान, विश्राम गृह, मेडिकल सहायता केंद्र और सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 12 उच्च स्तरीय कमिटियों के तहत करीब डेढ़ सौ पदाधिकारी लगातार तैयारियों में जुटे हैं। नारायण वर्ल्ड स्कूल और गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय का पूरा परिवार मेजबानी के लिए कमर कस चुका है।
‘बिहार में खेलों का स्वर्णिम युग’
संस्थान के एमडी त्रिविक्रम नारायण सिंह ने कहा कि बिहार के लिए यह आयोजन ऐतिहासिक है। जमुहार जैसे छोटे से गांव में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमें कबड्डी खेलने आ रही हैं, यह सिर्फ खेल नहीं बल्कि पूरे राज्य की प्रतिष्ठा का विषय है। उन्होंने इसे ‘बिहार में खेल और युवाओं के स्वर्णिम युग की शुरुआत’ बताया।
विद्यालय की निदेशक डॉ. मोनिका सिंह ने कहा कि आयोजन को सफल बनाने के लिए महीनों से तैयारी चल रही है। हर स्तर पर खिलाड़ियों को घर जैसा माहौल देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट से स्थानीय बच्चों और युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी।
स्थानीय स्तर पर उत्साह
टूर्नामेंट को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। ग्रामीण क्षेत्र में इतना बड़ा आयोजन पहली बार हो रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिदिन तैयारियों को देखने लोग पहुंच रहे हैं। वहीं आसपास के गांवों के लोगों में भी यह जानने की जिज्ञासा है कि आखिर कबड्डी का राष्ट्रीय मुकाबला कैसा होगा।
उपस्थित रहे पदाधिकारी
प्रेस वार्ता में विद्यालय के प्राचार्य उपांशु कुमार सिन्हा, नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के महाप्रबंधक उपेन्द्र कुमार सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी भूपेन्द्र नारायण सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि आयोजन से बिहार की छवि राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।
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