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रोहतास में भारी बारिश से झरने उफान पर, पर्यटन स्थलों में प्रवेश पर लगी रोक  

रोहतास में भारी बारिश से झरने उफान पर, पर्यटन स्थलों में प्रवेश पर लगी रोक रोहतास , 4 अक्टूबर: जिले
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रोहतास में भारी बारिश से झरने उफान पर, पर्यटन स्थलों में प्रवेश पर लगी रोक

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    रोहतास , 4 अक्टूबर: जिले में शुक्रवार की रात से आए शक्ति सायक्लोन के प्रभाव के चलते लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। इस भारी वर्षा के कारण जिले के झरने उफान पर हैं और कई स्थानों पर पानी का स्तर खतरनाक स्थिति तक पहुँच गया है। मां तुतला भवानी इको पर्यटन स्थल और मांझर कुंड सहित अन्य झरनों में लोगों के प्रवेश पर प्रशासन ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

     

    डीएफओ (वन) रोहतास, स्टेलिन फिडल कुमार ने बताया कि रोहतास वन प्रमंडल के लगभग सभी झरनों में अत्यधिक पानी और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा, “लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। झरनों और पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बढ़ा पानी खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए सभी पर्यटन स्थलों में आने-जाने पर रोक लगाई गई है।”

     

    डीएफओ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक किसी भी झरने या पहाड़ी इलाके की ओर न जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि मौसम विभाग की जारी चेतावनियों पर गंभीरता से ध्यान देना आवश्यक है। “अचानक आई भारी बारिश और उफनते झरनों में लोग अपने जीवन को जोखिम में डाल सकते हैं। इसलिए प्रशासन की ओर से यह कदम आवश्यक था,” डीएफओ ने कहा।

     

    जिले के स्थानीय लोग भी झरनों के उफान पर लगातार बढ़ते पानी को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि पहले कभी इतनी तेज़ बारिश नहीं देखी गई थी, जिससे कई छोटे नाले और नदी के पानी का स्तर अचानक बढ़ गया है। प्रशासन ने इसके मद्देनजर कई हाई अलर्ट जगहों पर तैनाती बढ़ा दी है।

     

    वन विभाग ने साफ किया कि रोक केवल पर्यटकों और आम लोगों के लिए है; वन और सुरक्षा कर्मियों द्वारा निगरानी जारी रखी जाएगी। वहीं, स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी इन क्षेत्रों में पैदल और सड़क मार्ग से जाने वाले लोगों पर निगरानी रख रहे हैं।

     

    मौसम विभाग ने भी अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा कि जिले के अधिकतर हिस्सों में तेज बारिश के साथ झरनों का पानी और बढ़ सकता है। इस बीच, लोग नदी के किनारे, नाले या झरनों के पास जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करें।

     

    पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद झरने का दृश्य अत्यंत सुंदर होता है, लेकिन उफनते पानी के दौरान जाने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए वन विभाग और प्रशासन की सावधानियों का पालन करना ही सुरक्षित रहेगा।

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