Human Live Media

HomeStateBiharतेजस्वी यादव से मिलेंगे अख्तरुल ईमान , राज्यसभा चुनाव से पहले बिहार की सियासत में बढ़ी हलचल

तेजस्वी यादव से मिलेंगे अख्तरुल ईमान , राज्यसभा चुनाव से पहले बिहार की सियासत में बढ़ी हलचल

पटना: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
WhatsApp Image 2026-03-11 at 12.44.45 PM (1)

पटना: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से एआईएमआईएम बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान मुलाकात करेंगे। यह बैठक तेजस्वी यादव के आवास पर प्रस्तावित है और इसे राज्यसभा चुनाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

Table of Contents

    समर्थन के समीकरण पर टिकी निगाहें

    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मुलाकात के दौरान राज्यसभा चुनाव में समर्थन को लेकर बातचीत हो सकती है। महागठबंधन अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी संभावित सहयोगियों का समर्थन जुटाने में जुटा हुआ है। ऐसे में एआईएमआईएम का रुख चुनावी समीकरण तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    सहयोगी दलों के साथ हुई रणनीतिक बैठक

    मंगलवार को तेजस्वी यादव ने अपने आवास पर महागठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई और विधायकों को एकजुट रहने का संदेश दिया गया।
    बैठक के दौरान नेताओं के बीच अनौपचारिक माहौल भी देखने को मिला, जहां मटन पार्टी का आयोजन किया गया था।

    बीएसपी और एआईएमआईएम विधायक बैठक में नहीं पहुंचे

    बताया जा रहा है कि इस बैठक में बीएसपी और एआईएमआईएम के विधायकों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन दोनों दलों के विधायक इसमें शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद महागठबंधन के नेताओं ने चुनावी रणनीति पर मंथन जारी रखा।

    राजद का दावा, जीत के लिए पर्याप्त संख्या बल

    राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बैठक के बाद दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में उनके उम्मीदवार की जीत तय है। उन्होंने कहा कि राजद के पास लगभग 41 विधायकों का समर्थन है और जीत के लिए आवश्यक संख्या बल मौजूद है।

    AIMIM और BSP की भूमिका अहम

    इस चुनाव में एआईएमआईएम के पांच विधायक और बीएसपी के एक विधायक को निर्णायक माना जा रहा है। यदि इन दलों का समर्थन महागठबंधन को मिलता है तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। वहीं समर्थन नहीं मिलने की स्थिति में राजद उम्मीदवार के लिए मुकाबला कठिन हो सकता है।

    क्रॉस वोटिंग की भी चर्चा

    राजनीतिक हलकों में क्रॉस वोटिंग को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। जहां एनडीए पांचवीं सीट जीतने के लिए रणनीति बनाने में लगा है, वहीं महागठबंधन अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि बिहार में खाली हो रही पांच राज्यसभा सीटों में पहले तीन सीटें एनडीए और दो सीटें महागठबंधन के पास थीं। मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर एनडीए चार सीटों पर जीत का दावा कर रहा है। ऐसे में पांचवीं सीट का मुकाबला काफी दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।

    Loading

    Comments are off for this post.