Human Live Media

HomeNewsमहिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: नरेंद्र मोदी का TMC पर हमला, ममता बनर्जी ने दिया करारा जवाब

महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: नरेंद्र मोदी का TMC पर हमला, ममता बनर्जी ने दिया करारा जवाब

महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच
1738226124_reuters-modi

महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी दलों पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पारित न हो पाने के पीछे विपक्ष की भूमिका रही है।

Table of Contents

    बांकुड़ा जिले के विष्णुपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व देना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC ने कांग्रेस के साथ मिलकर इस विधेयक को रोकने की साजिश रची, जिससे बंगाल की महिलाओं के साथ अन्याय हुआ।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती है और चाहती है कि अधिक से अधिक महिलाएं राजनीति में आगे आएं। उन्होंने बंगाल की जनता से बदलाव का आह्वान करते हुए TMC सरकार को “भय और भ्रष्टाचार” की राजनीति करने वाला बताया।

    अपने भाषण में उन्होंने आदिवासी मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति दी, लेकिन विपक्ष ने इसका समर्थन नहीं किया। साथ ही उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर भी TMC पर निशाना साधा।

    वहीं, प्रधानमंत्री के इन आरोपों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा महिला आरक्षण की समर्थक रही है और संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

    ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध महिला आरक्षण से नहीं, बल्कि इसे परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़ने के तरीके से है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है और संघीय ढांचे को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

    उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती थी, तो इसे पहले ही लागू क्यों नहीं किया गया और चुनाव के समय इसे मुद्दा क्यों बनाया गया।

    इस पूरे विवाद के बाद साफ है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब सिर्फ नीति नहीं, बल्कि चुनावी राजनीति का बड़ा केंद्र बन चुका है। आने वाले समय में यह बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, खासकर उन राज्यों में जहां चुनावी माहौल चरम पर है।

    Loading

    Comments are off for this post.