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बंगाल चुनाव में सियासी संग्राम तेज, ममता बनर्जी ने केंद्र पर एजेंसियों के दुरुपयोग का लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनावी बहस को और तेज कर दिया है।

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    खड़दा और कोलकाता में आयोजित चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि केंद्र की सरकार संवैधानिक संस्थाओं और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्रालय को निशाने पर लिया।

    ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि सेना और सुरक्षा बलों का काम देश की सीमाओं की रक्षा करना है, ऐसे में उन्हें चुनावी गतिविधियों में शामिल करने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही संकेत नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उनके चुनावी कार्यक्रमों को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर हवाई यात्रा में देरी करवाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी फ्लाइट को रनवे पर रोके रखा गया, जिससे उनके कार्यक्रम प्रभावित हुए। इसके साथ ही उन्होंने झारखंड के नेता हेमंत सोरेन का भी उदाहरण दिया।

    इसके अलावा ममता बनर्जी ने राज्य प्रशासन और पुलिस पर भी दबाव डालने के आरोप लगाए। उनका कहना है कि कुछ अधिकारी केंद्र के इशारे पर काम कर रहे हैं और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

    महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विधेयक पारित होने के बावजूद उसे लागू करने में देरी हो रही है, जो महिलाओं के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता है। ममता ने यह भी कहा कि उनके राज्य में महिलाओं को स्थानीय निकायों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है।

    कोलकाता में आयोजित एक अन्य सभा में उन्होंने दावा किया कि अगर 2026 में केंद्र में बदलाव होता है, तो केंद्रीय एजेंसियों द्वारा होने वाली कार्रवाई पर रोक लगेगी और आम लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा को जवाब देगी।

    अंत में, उन्होंने एनआरसी और सीएए जैसे मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में किसी भी नागरिक को बाहर नहीं होने दिया जाएगा। बंगाल की राजनीति में यह बयानबाजी आने वाले चुनावों को और दिलचस्प बना रही है, जहां आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता का रुख ही अंतिम फैसला करेगा।

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