Last updated: May 10th, 2026 at 06:55 am

पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने के बाद कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड शनिवार को राष्ट्रीय राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन गया। सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन यह समारोह सिर्फ सत्ता हस्तांतरण तक सीमित नहीं रहा। इसे NDA के बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर देश के 22 राज्यों के मुख्यमंत्री एक ही मंच पर नजर आए।
भव्य आयोजन में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान और शिवराज सिंह चौहान समेत भाजपा और NDA के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे। मंच पर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी दिखाई दिए, जिसने पूरे कार्यक्रम को राष्ट्रीय राजनीतिक संदेश में बदल दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, बिहार के सम्राट चौधरी, असम के हिमंत बिस्व सरमा और मध्य प्रदेश के मोहन यादव समेत कई बड़े नेता समारोह में शामिल हुए। वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और NDA सहयोगी दलों के नेता भी इस मौके पर मौजूद रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने बंगाल में अपनी पहली सरकार के शपथ समारोह को केवल संवैधानिक कार्यक्रम नहीं रहने दिया, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का मंच बना दिया।
समारोह के दौरान ब्रिगेड मैदान भगवा झंडों, जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारों से गूंजता रहा। लाखों की संख्या में पहुंचे समर्थकों ने इसे उत्सव का रूप दे दिया।
कार्यक्रम में बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां भी मौजूद रहीं। अभिनेता प्रसनजीत चटर्जी, जीत, जिस्सू सेनगुप्ता और प्रसिद्ध कलाकार ममता शंकर ने भी समारोह में हिस्सा लिया।
भाजपा नेताओं ने इसे “नए बंगाल” की शुरुआत बताया, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन करार दिया। हालांकि इतना तय है कि बंगाल की राजनीति में भाजपा सरकार के इस शपथ समारोह ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा संदेश देने का काम किया है।
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