Last updated: May 11th, 2026 at 04:02 am

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट की विशेष समीक्षा प्रक्रिया और बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का असर चुनाव परिणामों पर पड़ा हो सकता है। थरूर ने यह बयान स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया।
वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर जताई चिंता
थरूर ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के दौरान लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उनका दावा है कि कई लोगों ने अपील भी की, लेकिन समय रहते बड़ी संख्या में मामलों का समाधान नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि ऐसे कई मतदाता थे, जो खुद को वैध वोटर मानते थे लेकिन चुनाव के दौरान मतदान नहीं कर पाए। थरूर के मुताबिक इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
चुनाव नतीजों और वोट अंतर का किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन लोगों की अपीलें लंबित रहीं, उनकी संख्या और चुनाव में जीत के अंतर के बीच समानता देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि यह चर्चा का विषय है कि क्या सभी योग्य मतदाताओं को वोट देने का समान अवसर मिला या नहीं।
केरल में कांग्रेस को मिलने वाले संभावित लाभ का भी जिक्र
शशि थरूर ने केरल की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां डुप्लीकेट और फर्जी वोटर एंट्री हटाने से मतदाता सूची अधिक साफ हुई। उनका मानना है कि इससे कांग्रेस को फायदा मिल सकता है, क्योंकि कई गलत तरीके से दर्ज नाम हटाए गए।
निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर जोर
थरूर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिले और चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। उन्होंने इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की जरूरत बताई।
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