Last updated: May 22nd, 2026 at 05:44 am

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत को अमेरिका का अहम और भरोसेमंद साझीदार बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को और आगे बढ़ाना चाहता है और भारत जितना तेल खरीदना चाहे, अमेरिका उसकी आपूर्ति करने के लिए तैयार है।
भारत दौरे से पहले दिए गए बयान में रूबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच लगातार बेहतर तालमेल बन रहा है। उन्होंने अपनी यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस दौरान उन्हें क्वाड देशों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत करने का अवसर मिलेगा।
मार्को रूबियो 23 से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह नई दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों का दौरा करेंगे। माना जा रहा है कि उनकी यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक रणनीति, व्यापार और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
रूबियो ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए गंभीर है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के तेल को लेकर भी कई संभावनाएं मौजूद हैं और इस दिशा में बातचीत आगे बढ़ सकती है।
इसी बीच उन्होंने ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी सख्त रुख जाहिर किया। रूबियो ने कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को अमेरिका स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि रणनीतिक समुद्री मार्गों पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरा बन सकती है।
गौरतलब है कि मौजूदा वैश्विक तनाव और मध्य पूर्व की परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसका असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था और ईंधन कीमतों पर पड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ना दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से अहम साबित हो सकता है। वहीं रूबियो का यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
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