Last updated: May 22nd, 2026 at 05:41 am

बिहार सरकार अब शिक्षा और कानून व्यवस्था दोनों मोर्चों पर बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में ऐसे मॉडल स्कूल विकसित करने की घोषणा की है, जहां अपने बच्चों का एडमिशन कराने के लिए बड़े अधिकारी और नेता भी सिफारिश करते नजर आएं।
पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि “सरस्वती विद्या निकेतन” की तर्ज पर ऐसे शिक्षण संस्थान तैयार किए जाएंगे, जो गुणवत्ता और अनुशासन के मामले में उदाहरण बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल खोलना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है जिस पर आम लोगों के साथ-साथ बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी भरोसा करें। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा का स्तर सुधारना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए विशेष रोडमैप पर काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपराधी पुलिस को चुनौती देता है तो पुलिस को तय समय के भीतर जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, मजबूत पुलिस व्यवस्था ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान होती है।
हाल के दिनों में बिहार में बढ़े पुलिस एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि अपराध के खिलाफ कार्रवाई में जाति देखने जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधी किसी भी वर्ग या समुदाय का हो, कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन की नींव मजबूत की थी और वर्तमान सरकार उसी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार की इस नई घोषणा को शिक्षा सुधार और प्रशासनिक सख्ती दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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