Last updated: May 24th, 2026 at 09:28 am

पटना में आयोजित एआई समिट के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। कार्यक्रम में एआई तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा था कि आधुनिक कैमरा सिस्टम किसी खास पहचान वाले व्यक्ति को आसानी से ट्रैक कर सकता है। बयान के बाद विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को ऐसी भाषा से बचना चाहिए, जिससे समाज में गलत संदेश जाए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, जबकि जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक समस्याओं से जूझ रही है।
वहीं रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कई सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री और सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधा। रोहिणी ने कहा कि तकनीक और एआई की बात करने वाली सरकार को हर वर्ग और हर पहचान के प्रति समान नजरिया रखना चाहिए।
उन्होंने अपने पोस्ट में कई राजनीतिक मुद्दों और पुराने विवादों का जिक्र करते हुए सरकार पर विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। रोहिणी ने यह भी कहा कि बिहार की धरती हमेशा लोकतांत्रिक संघर्षों और आवाज उठाने वालों की रही है।
इस विवाद में पूर्णिया सांसद Pappu Yadav की भी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा कि किसी रंग या प्रतीक को राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है। पप्पू यादव ने कहा कि राज्य में विकास, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
फिलहाल यह बयान बिहार की राजनीति में नए विवाद का कारण बन गया है। एक ओर सरकार एआई और तकनीक के जरिए प्रशासनिक सुधारों की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे पहचान और प्रतीकों की राजनीति से जोड़कर सरकार को घेरने में जुटा हुआ है।
![]()
Comments are off for this post.