Last updated: July 9th, 2026 at 11:08 am

जनता दल (यू) ने अपने जनसुनवाई कार्यक्रम को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब पार्टी के प्रदेश कार्यालय में सोमवार से शुक्रवार तक आयोजित होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रमों में मंत्रियों के साथ संगठन के पदाधिकारी मंच पर नहीं बैठ सकेंगे। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मंत्रियों के साथ संगठन के कुछ नेताओं की लगातार मौजूदगी को लेकर गलत संदेश जाने की आशंका जताई जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी नेतृत्व ने मंच व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया है।
नई गाइडलाइन के तहत अब केवल संबंधित मंत्री और आवश्यक जनप्रतिनिधि ही मंच पर बैठ सकेंगे। यदि कोई विधायक या विधान पार्षद कार्यक्रम में मौजूद होगा तो वह मंत्री के साथ बैठ सकता है, लेकिन संगठन के अन्य पदाधिकारी, चाहे वे प्रदेश स्तर के महासचिव, सचिव या अन्य पद पर हों, उन्हें मंच पर स्थान नहीं दिया जाएगा।
जेडीयू की जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के मंत्री कार्यकर्ताओं और आम लोगों की शिकायतें सुनते हैं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हैं। पहले इन कार्यक्रमों में मंत्रियों के साथ संगठन के कई नेता भी मंच पर दिखाई देते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है।
बताया जा रहा है कि 6 जुलाई तक पुरानी व्यवस्था लागू थी। इसके बाद पार्टी ने नई गाइडलाइन जारी कर दी। हाल के जनसुनवाई कार्यक्रमों में भी इसका असर देखने को मिला, जहां मंत्री मौजूद रहे लेकिन संगठन के वे नेता, जो पहले नियमित रूप से मंच पर दिखाई देते थे, अब नजर नहीं आए।
पार्टी का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य जनसुनवाई कार्यक्रम को अधिक व्यवस्थित और अनुशासित बनाना है, ताकि कार्यक्रम का मुख्य फोकस जनता की समस्याओं के समाधान पर बना रहे।
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