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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के विमान में तकनीकी खराबी, विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak के विमान में तकनीकी खराबी आने की घटना के बाद राज्य की राजनीति में
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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak के विमान में तकनीकी खराबी आने की घटना के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उड़ान भरने से ठीक पहले विमान में तकनीकी समस्या सामने आने के कारण पायलट ने उड़ान रोक दी। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी टीमों ने विमान की जांच शुरू कर दी है।

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    जानकारी के अनुसार डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना होने वाले थे। इसी दौरान विमान के सिस्टम में तकनीकी खराबी का संकेत मिला। पायलट ने एहतियात के तौर पर तुरंत उड़ान रोक दी और विमान को जांच के लिए वापस खड़ा कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया और किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई।

    घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं ने सरकारी विमानों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि जब वीआईपी विमानों की यह स्थिति है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ती है।

    विपक्षी नेताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। कुछ नेताओं ने कहा कि सरकारी संसाधनों के रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद तकनीकी खराबी सामने आना गंभीर मामला है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

    दूसरी तरफ भाजपा नेताओं और सरकारी अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी खराबी जैसी घटनाएं किसी भी विमान में हो सकती हैं और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत समय रहते समस्या की पहचान कर ली गई। सरकार का कहना है कि पायलट और तकनीकी टीम की सतर्कता की वजह से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।

    अधिकारियों के अनुसार विमान की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि खराबी किस वजह से आई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल डिप्टी सीएम का कार्यक्रम दूसरे माध्यम से पूरा कराया गया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में छोटी घटनाएं भी जल्दी राजनीतिक रंग ले लेती हैं। विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता के रूप में पेश कर रहा है, जबकि भाजपा इसे सामान्य तकनीकी घटना बता रही है। हालांकि घटना के बाद सरकारी विमानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा जरूर तेज हो गई है।

    इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने विपक्ष पर अनावश्यक राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि किसी भी तकनीकी समस्या को राजनीतिक मुद्दा बनाना सही नहीं है। वहीं विपक्ष लगातार यह मांग कर रहा है कि सरकारी विमानों की नियमित जांच और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

    आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि तकनीकी खराबी की असली वजह क्या थी। लेकिन फिलहाल यह घटना यूपी की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है और विपक्ष इसे सरकार को घेरने के लिए इस्तेमाल कर रहा है।

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