Last updated: May 31st, 2026 at 02:38 pm

उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के अन्य राज्यों में आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं और देरी की शिकायतों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है और विभिन्न दल परीक्षा प्रबंधन को लेकर आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।
CUET देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रमुख परीक्षा है। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सीधे बड़ी संख्या में छात्रों को प्रभावित करती है। इस वर्ष कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं, सर्वर संबंधी दिक्कतों और परीक्षा शुरू होने में देरी की शिकायतें सामने आईं।
परीक्षा में शामिल छात्रों ने बताया कि कई केंद्रों पर सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू करने में कठिनाई हुई। कुछ स्थानों पर छात्रों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इससे अभ्यर्थियों के बीच तनाव और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने इन शिकायतों को स्वीकार करते हुए कहा है कि जहां भी तकनीकी समस्याएं सामने आईं, वहां प्रभावित छात्रों को अतिरिक्त समय दिया गया। एजेंसी का दावा है कि किसी भी छात्र को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा भी की जा रही है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि हाल के वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आए हैं, जिससे छात्रों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। कई नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की मांग की है।
दूसरी ओर सरकार और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि देशभर में लाखों छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करना एक बड़ी प्रक्रिया है और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में ऐसी समस्याओं को कम करने के लिए तकनीकी ढांचे को और मजबूत किया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन और कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में मजबूत सर्वर, बेहतर तकनीकी सहायता और प्रभावी प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।
छात्र संगठनों ने भी परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई है। उनका कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर बेहतर व्यवस्था, समय पर सहायता और तकनीकी सहायता टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
फिलहाल CUET परीक्षा से जुड़ा यह विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्र, अभिभावक और शिक्षा विशेषज्ञ सभी यह उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा ताकि छात्रों का भरोसा कायम रह सके।
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