Last updated: June 13th, 2026 at 05:54 pm

बिहार की राजनीति में इन दिनों राज्य के वित्तीय हालात को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा बार-बार यह दावा किया जा रहा है कि बिहार सरकार का खजाना खाली हो चुका है और राज्य आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है।
तेजस्वी यादव ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा था कि बिहार की वित्तीय स्थिति बेहद खराब हो गई है। उनके अनुसार, सरकार के पास सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत पेंशन तक देने के लिए पर्याप्त धन नहीं बचा है।
हालांकि, सत्तापक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव के बयान को गलत बताया।
मांझी ने कहा कि बिहार में किसी तरह की वित्तीय कमी नहीं है और राज्य सरकार के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डबल इंजन की सरकार होने के कारण केंद्र से भी लगातार सहयोग मिल रहा है, जिससे विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं है।
उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें प्रशासनिक अनुभव की कमी है, इसलिए वे इस तरह के बयान दे रहे हैं। मांझी के मुताबिक, सरकारें विकास कार्यों के लिए अक्सर ऋण लेती हैं, जिसे सामान्य प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष केवल जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति उनके दावों से अलग है। इस पूरे मामले ने बिहार की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है, जहां एक तरफ विपक्ष वित्तीय संकट का मुद्दा उठा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे पूरी तरह खारिज कर रहा है।
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