Last updated: June 19th, 2026 at 08:41 am

मुसल्लहपुर हाट इलाके में 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर पर हुए विवाद और फायरिंग मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस की केस डायरी में दर्ज तथ्यों के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
फैसल खान उर्फ खान सर ने पहले दावा किया था कि उनके बॉडीगार्ड्स ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड इसके उलट कहानी सामने रखता है। जांच के अनुसार, फायरिंग आत्मरक्षा के लिए नहीं बल्कि दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।
पुलिस डायरी के मुताबिक, 2 जून की रात करीब 10:10 बजे इलाके में मारपीट और तोड़फोड़ हुई थी, जबकि फायरिंग लगभग 10:30 बजे की गई। पुलिस का कहना है कि यदि यह आत्मरक्षा होती तो दोनों घटनाएं समय के लिहाज से एक साथ होतीं, जबकि 20 मिनट का अंतर इस दावे को कमजोर करता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कोचिंग सेंटर के दो निजी बॉडीगार्ड्स ने फायरिंग की थी। प्रारंभिक एफआईआर में गोलीबारी का उल्लेख नहीं था, लेकिन बाद में सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर इसे केस डायरी में शामिल किया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आत्मरक्षा का दावा तभी मान्य होता है जब तत्काल खतरा मौजूद हो। यदि खतरा टल चुका हो या स्थिति नियंत्रण में हो, तो हथियार का इस्तेमाल कानूनी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इस बीच, मामले में एक और विवाद जुड़ गया है, जिसमें रोशन आनंद नामक व्यक्ति ने अपने भाई की हत्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और अदालत में परिवाद दाखिल करने की तैयारी की बात कही है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और हथियारों के उपयोग की जांच शामिल है।
मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका पर सुनवाई जारी है। पुलिस केस डायरी के खुलासे के बाद इस प्रकरण को लेकर कानूनी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
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