Last updated: June 21st, 2026 at 05:03 am

बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस घटना को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उनके अनुसार, अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं जबकि आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शराबबंदी के नाम पर पुलिस व्यवस्था में अनियमितताएं बढ़ी हैं और कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर को “फर्जी एनकाउंटर” बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपील की कि उन्हें मृतक के परिजनों से जाकर माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि वे गृह विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि पुलिस ने मृतक के परिवार के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज की और इस पूरे मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी ऐसे कई एनकाउंटर और संदिग्ध मौतें सामने आ चुकी हैं।
इसके अलावा उन्होंने रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत का मुद्दा भी उठाया और मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराई। तेजस्वी ने कहा कि केवल उच्च स्तरीय जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल सरकार की ओर से इस मामले में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी तेज होने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
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