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दिल्ली सरकार गरीबों के लिए बड़े फैसले: झुग्गी पुनर्वास और निर्माण श्रमिकों के लिए नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को मंजूरी

दिल्ली सरकार ने राजधानी में गरीब और श्रमिक वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण फैसलों को
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दिल्ली सरकार ने राजधानी में गरीब और श्रमिक वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। इन फैसलों से लाखों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। सरकार ने एक ओर झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास को लेकर नई नीति को मंजूरी दी है, वहीं दूसरी ओर निर्माण श्रमिकों के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की शुरुआत की है।

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    नई योजना के तहत दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 1 जनवरी 2025 तक झुग्गी बस्तियों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्के मकान दिए जाएंगे। इस फैसले का उद्देश्य राजधानी में झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे लोगों को स्थायी आवास उपलब्ध कराना और उनके जीवन स्तर को सुधारना है। सरकार का अनुमान है कि इस निर्णय से लगभग 4 से 5 लाख परिवारों को लाभ मिल सकता है।

    पुनर्वास योजना के तहत पात्र परिवारों को सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त आधुनिक फ्लैट दिए जाएंगे। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पुनर्वास के दौरान प्रभावित लोगों को उनके वर्तमान स्थान के आसपास ही बसाया जाए, ताकि उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी और रोजगार पर असर न पड़े। नई कॉलोनियों में स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और खेल के मैदान जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

    सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि इन परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा।

    इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए “दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना” को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत लगभग 2.70 लाख पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

    इस योजना में श्रमिकों को 2 लाख रुपये तक और उनके परिवारों को 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही सभी लाभार्थियों के लिए सालाना स्वास्थ्य जांच भी अनिवार्य होगी।

    सरकार का कहना है कि निर्माण श्रमिक लगातार कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं, जिससे उन्हें फेफड़ों की बीमारी, त्वचा रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना लागू की गई है।

    योजना के तहत सभी लाभार्थियों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाया जाएगा और 24×7 हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी, जिससे श्रमिक किसी भी समय चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

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