Last updated: August 8th, 2026 at 03:34 pm

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में मुंबई स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में प्रशिक्षण ले रहा एक टेक्नीशियन भी शामिल है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नालंदा के नूरसराय थाना क्षेत्र के ककड़िया निवासी रौशन कुमार और सोहसराय थाना क्षेत्र के तलाब पर 17 नंबर निवासी आकाश कुमार के रूप में हुई है। EOU का दावा है कि दोनों कथित परीक्षा धांधली नेटवर्क से जुड़े थे।
25 लाख रुपये में पास कराने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, BPSC की विज्ञापन संख्या 87/2025 के तहत आयोजित AEDO परीक्षा में एक अभ्यर्थी को पास कराने के लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था।
EOU की जांच में आकाश कुमार, चंदन कुमार, बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, बायोमेट्रिक कंपनी के वेंडर और जिला समन्वयक समेत कई लोगों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है।
एजेंसी का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर अधिकृत बायोमेट्रिक सुपरवाइजर की जगह फर्जी पहचान पत्र के जरिए दूसरे व्यक्ति को तैनात किया गया। इसके बाद कथित तौर पर होलोग्राम वाली पर्ची के जरिए उत्तर अभ्यर्थी तक पहुंचाने की कोशिश की गई।
खुद परीक्षा में शामिल हुआ था रौशन
EOU के मुताबिक, गिरफ्तार रौशन कुमार खुद भी AEDO परीक्षा का अभ्यर्थी था और उसका केंद्र मोतिहारी में निर्धारित था। एजेंसी का आरोप है कि उसने अपने परीक्षा केंद्र पर भी बायोमेट्रिक कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर मिलीभगत की थी। जांच में यह भी दावा किया गया है कि रौशन अपने नेटवर्क के अन्य सदस्यों के साथ भागलपुर पहुंचा था, जहां ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षार्थियों तक उत्तर पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कई प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच के दायरे में नेटवर्क
EOU का कहना है कि शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के पिछले चार से पांच वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित रूप से सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। एजेंसी ने रेडियो ऑपरेटर परीक्षा, मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कथित अनियमितताओं से जुड़े सुराग मिलने की बात कही है। इसके अलावा झारखंड CGL और बिहार के कुछ ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।
NEET-UG मामले से भी जुड़े तार
जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों आरोपियों के संबंध पहले के NEET-UG 2023 मामले से भी सामने आए हैं। EOU का दावा है कि उस मामले में एक अभ्यर्थी की जगह दूसरे व्यक्ति को परीक्षा में बैठाने और उसे पास कराने की कोशिश से जुड़े तथ्य मिले थे। संबंधित अभ्यर्थी की पहचान और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच अभी जारी है। EOU अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध डिजिटल एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
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