Last updated: June 26th, 2026 at 03:13 am

णमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कथित विवादित ऑडियो मामले में अपनी आवाज का नमूना (Voice Sample) देने के निर्देश को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने अदालत में दायर याचिका में कहा है कि जब वह पहले ही संबंधित ऑडियो में अपनी आवाज होने की बात स्वीकार कर चुके हैं, तो दोबारा आवाज का नमूना लेने की आवश्यकता नहीं है।
यह मामला विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर दिए गए एक बयान से जुड़ा है। आरोप है कि चुनावी माहौल में डीजे बजाने को लेकर की गई टिप्पणी के आधार पर उनके खिलाफ साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इस पूरे प्रकरण की जांच फिलहाल पश्चिम बंगाल सीआईडी कर रही है।
अभिषेक बनर्जी की ओर से उनके वकील ने हाई कोर्ट में दलील दी कि जांच एजेंसी की ओर से आवाज का नमूना लेने की प्रक्रिया अनावश्यक है, क्योंकि इस ऑडियो को लेकर उन्होंने कभी अपनी आवाज होने से इनकार नहीं किया। इसलिए इस कदम का औचित्य स्पष्ट नहीं है।
हाई कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए निर्धारित की है। इससे पहले विधाननगर की अदालत ने निर्देश दिया था कि निर्धारित तिथि पर मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक विशेषज्ञ की मौजूदगी में अभिषेक बनर्जी का वॉयस सैंपल लिया जाए।
इसी प्रक्रिया के तहत सीआईडी अधिकारियों ने उनके आवास पर नोटिस भी पहुंचाया था, जिसमें उन्हें तय तिथि पर उपस्थित होकर आवाज का नमूना देने के लिए कहा गया था। इससे पहले जांच एजेंसी ने इस संबंध में अदालत से अनुमति मांगी थी, जिसे मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई। अब इस मामले में सभी की नजर कलकत्ता हाई कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि आवाज का नमूना लेने की प्रक्रिया जारी रहेगी या नहीं
![]()
Comments are off for this post.