Last updated: July 22nd, 2026 at 11:38 am

लोकसभा में बुधवार को NEET पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर चर्चा को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि चर्चा के दौरान केवल कांग्रेस और भाजपा को बोलने का अवसर दिया गया, जबकि अन्य विपक्षी दलों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला।
सदन में अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी दलों को समान रूप से बोलने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह मुद्दा पूरे देश के छात्रों से जुड़ा है, तो केवल दो दलों तक चर्चा को सीमित क्यों रखा गया।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि छात्रों की समस्याओं को सदन में गंभीरता से नहीं सुना जाएगा तो विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर भी अपनी आवाज उठाएगा। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा और आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया।
अखिलेश यादव की आपत्ति पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जवाब देते हुए कहा कि विभिन्न दलों की राय सदन में सामने आ चुकी है और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही संचालित की जाती है तथा सभी पक्षों के बीच मतभेदों का समाधान अध्यक्ष के स्तर पर नहीं किया जा सकता।
इस दौरान अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्षी प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पहले ही सदन में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हो जाती, तो विपक्ष को संसद परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
उधर, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दोहराया कि सरकार NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने के पक्ष में है। हालांकि, विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और बाद में लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
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