Last updated: July 21st, 2026 at 03:10 pm

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छात्रों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार करने के बजाय विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस जैसे कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उनका कहना था कि यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं, तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए, न कि बल प्रयोग करना चाहिए।
सपा प्रमुख ने पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में कई प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में बार-बार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख करते हुए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों की शिक्षा पर बड़ी उम्मीदों के साथ निवेश करते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। अखिलेश यादव के अनुसार, सरकार को युवाओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए और रोजगार सृजन के साथ निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर उनकी पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी चिंताओं का समाधान निकाला जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं पर लोगों का भरोसा मजबूत हो सके।
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