Last updated: July 20th, 2026 at 12:05 pm

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान राजधानी में राजनीतिक और सुरक्षा गतिविधियां तेज रहीं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि, इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
उधर, संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। संसद भवन के आसपास बैरिकेडिंग बढ़ाई गई और बड़ी संख्या में पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
इस बीच CJP ने दावा किया कि आंदोलन को लेकर सरकार के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अब भी भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने इससे पहले सफदरजंग अस्पताल प्रशासन से कुछ समय के लिए अस्पताल से बाहर जाकर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति भी मांगी थी, जिस पर अब तक कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी संसद भवन के आसपास और रेल भवन क्षेत्र तक पहुंच गए। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी।
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र सड़क पर बैठकर धरने पर भी बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं हटे तो उन्हें वहां से हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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