Last updated: April 15th, 2026 at 11:22 am

Bihar Politics: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब नीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच राज्य के चर्चित विधायक अनंत सिंह ने शराबबंदी कानून पर बड़ा बयान देकर सियासी बहस को और गर्म कर दिया है।
अनंत सिंह ने साफ तौर पर कहा कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून पर पुनर्विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जो ‘निशा-पानी’ यानी सूखे नशे का चलन बढ़ा है, वह शराब से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। ऐसे में सरकार को इस कानून को लेकर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बातचीत करेंगे और अपनी बात उनके सामने रखेंगे।
हालांकि, इससे पहले भी शराबबंदी को लेकर कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर भी इस कानून की आलोचना कर चुके हैं। बावजूद इसके, जदयू नेतृत्व ने अब तक यह साफ किया है कि शराबबंदी कानून को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, अनंत सिंह ने एक और बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य की राजनीति में असली नेतृत्व अब भी नीतीश कुमार के पास ही रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की भी मांग रखी।
दूसरी ओर, जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी शराबबंदी को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार आने वाले कुछ महीनों में इस कानून पर बड़ा फैसला लेने को मजबूर हो सकती है। प्रशांत किशोर के अनुसार, शराबबंदी के कारण राज्य के राजस्व पर असर पड़ा है और आर्थिक दबाव को देखते हुए सरकार को इसमें बदलाव करना पड़ सकता है।
बिहार में नई सरकार बनने के बाद शराबबंदी कानून एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है, और आने वाले समय में इस मुद्दे पर बड़े फैसले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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