Human Live Media

HomeNewsअयोध्या में कल से शुरू होगा सावन झूला मेला, 5 हजार से अधिक मंदिरों में होगा झूलोत्सव

अयोध्या में कल से शुरू होगा सावन झूला मेला, 5 हजार से अधिक मंदिरों में होगा झूलोत्सव

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या शनिवार, 15 अगस्त से एक बार फिर भक्ति और उत्सव के रंग में नजर आएगी। शहर में
images – 2026-08-14T213423.707

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या शनिवार, 15 अगस्त से एक बार फिर भक्ति और उत्सव के रंग में नजर आएगी। शहर में 15 से 28 अगस्त तक सावन झूला मेला आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अयोध्या के हजारों मंदिरों में भगवान राम-सीता और अन्य देवी-देवताओं के विग्रहों को झूला झुलाने की पारंपरिक रस्म निभाई जाएगी।

Table of Contents

    मेले का प्रमुख आकर्षण मणिपर्वत पर आयोजित होने वाला झूला विहार रहेगा। आयोजन के पहले दिन अलग-अलग मंदिरों से 11 झांकियां निकाली जाएंगी, जो मणिपर्वत पहुंचेंगी। यहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    मणिपर्वत पर होगा विशेष आयोजन

    सावन झूला मेले की परंपरा अयोध्या में लंबे समय से चली आ रही है। सावन शुक्ल तृतीया से शुरू होने वाले इस उत्सव में मंदिरों से भगवान के विग्रहों की शोभायात्रा निकाली जाती है और मणिपर्वत पर झूला विहार कराया जाता है।

    इस बार सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एक विशेष बदलाव भी किया गया है। भगवान झूला बिहारी को पहली बार कुबेर नवरत्न टीला ले जाकर झूला विहार कराने की व्यवस्था की गई है। यहां पेड़ की डाल पर झूला लगाया गया है। खास बात यह है कि श्रद्धालुओं को भी भगवान को झूला झुलाने का अवसर मिलेगा।

    5 हजार से ज्यादा मंदिरों में सजेगा झूला

    मेले के दौरान अयोध्या के 5 हजार से अधिक छोटे-बड़े मंदिरों में झूलोत्सव मनाया जाएगा। श्री राम जन्मभूमि, कनक भवन, राजा दशरथ महल, अशर्फी भवन, राम वल्लभा कुंज, रंग महल, जानकी महल, राज सदन और मणिराम दास जी की छावनी समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सजावट की जाएगी।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन के महीने में भगवान राम और उनके भाइयों को झूला झुलाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। इसी परंपरा के तहत हर साल अयोध्या में सावन झूला उत्सव बड़े स्तर पर आयोजित किया जाता है।

    सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम

    मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अयोध्या पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मणिपर्वत मेले को एक जोन और पांच सेक्टर में बांटा गया है, जबकि पूरे मेला क्षेत्र को छह जोन और 29 सेक्टर में विभाजित किया गया है।

    सुरक्षा ड्यूटी दो पालियों में संचालित होगी। अपर पुलिस अधीक्षक से लेकर कांस्टेबल स्तर तक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। महिला पुलिस बल के अलावा पीएसी की 10 कंपनियां, आरएएफ की दो कंपनियां, एटीएस कमांडो और एसडीआरएफ की टीमें भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी।

    CCTV और ड्रोन से होगी निगरानी

    मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ वाले प्रमुख दिनों में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए विशेष योजना लागू की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मार्गों में बदलाव भी किया जा सकता है।

    प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और उत्सव के माहौल को बनाए रखते हुए उनकी सुरक्षा तथा सुविधाओं को सुनिश्चित करना है। पुलिस अधिकारियों की ओर से मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने की बात कही गई है।

    Loading

    Comments are off for this post.