Last updated: July 10th, 2026 at 08:38 am

जनता दल (यूनाइटेड) की नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। प्रदेश कमेटी में नियुक्तियों को लेकर कई नेताओं ने नाराज़गी जताई है। इसी बीच बड़ी संख्या में पार्टी नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से अपनी शिकायतें साझा करने उनके आवास पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। बताया गया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उस समय मुलाकात का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, नई प्रदेश कमेटी में पदाधिकारियों के चयन को लेकर कई नेताओं ने संगठन के भीतर असंतुलन और पक्षपात के आरोप लगाए हैं। नाराज़ नेताओं का कहना है कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को नई टीम में जगह नहीं मिली, जबकि हाल के वर्षों में पार्टी से जुड़े कुछ लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इससे पहले भी प्रदेश कमेटी के गठन को लेकर पार्टी कार्यालय और नेतृत्व स्तर पर असहमति की खबरें सामने आ चुकी हैं। कुछ नेताओं ने संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर मनमाने तरीके से नियुक्तियां करने का आरोप लगाया है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि हाल ही में नीतीश कुमार के आवास पर एक नेता और पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के बीच तीखी बहस हुई थी। हालांकि पार्टी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कई पुराने नेताओं के नाम सूची से बाहर रहने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। असंतुष्ट नेताओं का आरोप है कि संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। वहीं, पार्टी के भीतर एक वर्ग इसे संगठनात्मक निर्णय बताते हुए नेतृत्व के फैसले का समर्थन कर रहा है।
फिलहाल जेडीयू नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व असंतुष्ट नेताओं की नाराज़गी दूर करने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।
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