Human Live Media

HomeNewsबांकीपुर उपचुनाव: बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक, जिला प्रशासन ने जारी किए सख्त चुनावी निर्देश

बांकीपुर उपचुनाव: बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक, जिला प्रशासन ने जारी किए सख्त चुनावी निर्देश

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके बाद
4737825700685703022

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके बाद पटना जिला प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश दिया है।

Table of Contents

    प्रशासन के निर्देशों के अनुसार अब किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी या संगठन को सभा, जुलूस, धरना, प्रदर्शन या चुनावी कार्यक्रम आयोजित करने से पहले संबंधित अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और अन्य तेज आवाज वाले उपकरणों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन ने चुनावी प्रचार सामग्री को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल को आपत्तिजनक पोस्टर, पर्चे, फोटो या भ्रामक प्रचार सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने की अनुमति नहीं होगी। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, एसएमएस और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ऐसा कोई कंटेंट साझा नहीं किया जा सकेगा, जिससे आचार संहिता का उल्लंघन हो या सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका हो।

    निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार धार्मिक स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा मतदाताओं को डराने, धमकाने या किसी प्रकार का प्रलोभन देने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेयास्त्रों और अन्य घातक हथियारों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि, निर्धारित नियमों के तहत सुरक्षा बल, ड्यूटी पर तैनात अधिकारी तथा अन्य अधिकृत श्रेणियों को इससे छूट रहेगी।

    इसके साथ ही चुनाव प्रचार में उपयोग होने वाले वाहनों के लिए भी पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश पहले से स्वीकृत कार्यक्रमों, शादी-बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और सरकारी ड्यूटी से जुड़े कार्यों पर लागू नहीं होगा।

    जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव में सहयोग करने की अपील की है।

    Loading

    Comments are off for this post.