Last updated: July 14th, 2026 at 05:53 am

जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ अपना चुनावी हलफनामा भी चुनाव आयोग को सौंप दिया है। हलफनामे में उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज लंबित मामलों, संपत्ति और अन्य आवश्यक जानकारियों का खुलासा किया है।
चुनावी दस्तावेज के अनुसार, प्रशांत किशोर के खिलाफ कुल आठ आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें पटना में पांच, जबकि मुजफ्फरपुर, बेतिया और सहरसा में एक-एक मामला दर्ज है। अधिकांश मामले धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, सरकारी कार्य में बाधा और आपराधिक मानहानि से जुड़े बताए गए हैं।
किस तरह के मामले हैं दर्ज?
हलफनामे के मुताबिक, गांधी मैदान थाना में वर्ष 2024 और 2025 के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में दो मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में सड़क जाम करने और सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा सचिवालय थाना और पीरबहोर थाना में भी आंदोलन और सरकारी कार्य में व्यवधान से जुड़े मामले दर्ज हैं। वहीं सहरसा, बेतिया और मुजफ्फरपुर की अदालतों में आपराधिक मानहानि से संबंधित मामले लंबित हैं।
अब तक नहीं हुई दोषसिद्धि
प्रशांत किशोर ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि किसी भी मामले में अब तक अदालत ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया है। न ही किसी मुकदमे में उनके खिलाफ आरोप तय हुए हैं और न ही उन्हें किसी प्रकार की सजा सुनाई गई है।
पहली बार चुनावी मैदान में
जन सुराज पार्टी की स्थापना के बाद यह पहला अवसर है जब प्रशांत किशोर स्वयं किसी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बने हैं। इससे पहले उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था, लेकिन खुद चुनाव नहीं लड़ा था।
30 जुलाई को मतदान
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में प्रशांत किशोर का मुकाबला भाजपा, राजद और अन्य दलों के उम्मीदवारों से होगा।
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