Last updated: September 5th, 2026 at 12:40 pm

भागलपुर: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। गंगा के साथ सोन, कोसी और गंडक नदियों में बढ़े जलप्रवाह ने चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भागलपुर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और अधिकारियों को जलस्तर, कटाव तथा तटबंधों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
सोन से 6.30 लाख क्यूसेक पानी आने की बात
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि सोन नदी से करीब 6.30 लाख क्यूसेक पानी आने की जानकारी है। वहीं कोसी और गंडक से भी लगातार पानी गंगा में पहुंच रहा है। पहले से गंगा में मौजूद भारी जलप्रवाह के बीच इन नदियों से आने वाला पानी आने वाले समय में चुनौती बढ़ा सकता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर और प्रवाह की लगातार निगरानी करने तथा अचानक जलप्रवाह बढ़ने की स्थिति में तत्काल जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
कटाव रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों पर फोकस
बाढ़ के दौरान बढ़ता जलस्तर ही नहीं, बल्कि तेज बहाव से होने वाला कटाव भी बड़ी समस्या बनता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर कटाव रोकने के लिए काम किया गया है और आवश्यकता के अनुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। कटाव से खेत, सड़क, घर और अन्य संपत्तियों को नुकसान का खतरा रहता है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर पहले से तैयारी रखने और लगातार निगरानी करने पर जोर दिया गया है।
गंगा के तटबंधों को व्यवस्थित करने की तैयारी
सम्राट चौधरी ने गंगा के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नदी के एंबैंकमेंट यानी तटबंध व्यवस्था को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री के मुताबिक कुछ स्थानों पर एंबैंकमेंट का क्षेत्र करीब 20 से 26 किलोमीटर तक फैला हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में तटबंध की संरचना को मजबूत करने और नदी के बहाव के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
नदी के बीच ड्रेजिंग कराने की योजना
बाढ़ प्रबंधन के लिए गंगा में ड्रेजिंग कराने पर भी सरकार का फोकस है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नदी के बीच ड्रेजिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके जरिए नदी में जमा गाद और अन्य अवरोधों को हटाकर जलप्रवाह को बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि भविष्य में बाढ़ और कटाव के प्रभाव को कम करने के लिए स्थायी उपाय विकसित करना भी है।
गंगा किनारे के इलाकों पर प्रशासन की नजर
गंगा समेत बिहार की प्रमुख नदियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भागलपुर और आसपास के इलाकों में प्रशासन अलर्ट है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत-बचाव की तैयारियों और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित खतरे वाले इलाकों में पहले से आवश्यक इंतजाम रखें जाएं, ताकि स्थिति बिगड़ने पर लोगों तक तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
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