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बिहार में स्वास्थ्य क्षेत्र का बड़ा विस्तार: 17 नए मेडिकल कॉलेज बनेंगे, 16 अस्पताल PPP मॉडल से होंगे विकसित

बिहार सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और इसे एक प्रमुख मेडिकल हब के रूप में विकसित
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बिहार सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और इसे एक प्रमुख मेडिकल हब के रूप में विकसित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आने वाले वर्षों में राज्य में 17 नए ग्रीनफील्ड मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जबकि 16 मौजूदा अस्पतालों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।

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    इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 33 मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में व्यापक सुधार की उम्मीद है।

     PPP मॉडल के तहत होगा बड़े पैमाने पर विकास

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, योजना में शामिल 17 नए ग्रीनफील्ड मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को 60 वर्षों के लिए निजी निवेशकों के सहयोग से विकसित किया जाएगा। वहीं, 16 ब्राउनफील्ड अस्पतालों को 30 वर्षों की अवधि के लिए PPP मॉडल पर अपग्रेड किया जाएगा।

    इस पहल के बाद बिहार में कुल मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की संख्या बढ़कर 54 हो जाएगी, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क और मजबूत होगा।

     मरीजों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज

    इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख न करना पड़े। नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के विकास से बिहार के भीतर ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस योजना से न केवल इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

     निवेशकों से मांगे गए प्रस्ताव

    राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय के अनुसार, इस योजना से बिहार को क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। यह राज्य को नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के लिए भी एक महत्वपूर्ण हेल्थकेयर डेस्टिनेशन बना सकता है।

    सरकार ने इस परियोजना के लिए देश और विदेश के निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की गई है, जो जमीन से जुड़े निरीक्षण और आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया में सहयोग करेगा।

     तेजी से लागू करने पर सरकार का जोर

    राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इस पूरी योजना को बिना देरी के लागू किया जाए, ताकि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और सशक्त बनाया जा सके और राज्य को एक बड़े मेडिकल हब के रूप में स्थापित किया जा सके।

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