Last updated: June 22nd, 2026 at 09:37 am

भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इस मामले से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर फौरन सुनवाई की मांग शीर्ष अदालत द्वारा खारिज कर दी गई।
यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा 21 जून को दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि यह मुठभेड़ फर्जी हो सकती है। याचिका में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है।
CBI जांच और स्वतंत्र समिति की मांग
याचिकाकर्ता ने अपनी PIL में यह भी अनुरोध किया है कि इस कथित फर्जी एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। साथ ही, पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एक स्वतंत्र जांच समिति से कराने की भी मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
सोमवार को जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया गया। हालांकि अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के समक्ष मेंशनिंग करने का निर्देश दिया।
फिलहाल सुनवाई टली
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद मामले की तत्काल सुनवाई की संभावना फिलहाल टल गई है। अब याचिकाकर्ता को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार के समक्ष अपनी अर्जी प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद आगे की सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी
भोजपुर के इस एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार बहस जारी है। मामले में न्यायिक जांच की मांग के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
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