Last updated: September 25th, 2026 at 10:55 am

बिहार में बाढ़ का संकट एक बार फिर गहराता दिख रहा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश और बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के कारण कोसी नदी का डिस्चार्ज बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग ने कोसी बेसिन को अलर्ट पर रखा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटे में वीरपुर कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज 6 लाख क्यूसेक से अधिक पहुंचने की आशंका है।
इस संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए सुपौल, सहरसा, खगड़िया और नवगछिया समेत कोसी क्षेत्र के निचले इलाकों में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बिहार के जल संसाधन विभाग के रियल-टाइम डैशबोर्ड पर 25 सितंबर की सुबह वीरपुर बराज का डिस्चार्ज करीब 1.81 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था।
लगातार बढ़ रहा कोसी का डिस्चार्ज
शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तक वीरपुर कोसी बराज से लगभग 1.90 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज की सूचना थी। इससे पहले गुरुवार शाम यह करीब 1.77 लाख क्यूसेक था। पानी बढ़ने के साथ बराज के फाटक खोले गए हैं, ताकि दबाव को नियंत्रित करते हुए पानी डाउनस्ट्रीम की ओर निकाला जा सके।
बाढ़ नियंत्रण वीरपुर के मुख्य अभियंता ई. संजीव शैलेश के मुताबिक, बराज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पानी को बीच के फाटकों से व्यवस्थित तरीके से पास कराया जा रहा है। रिपोर्टों में बराज के कई फाटक खोले जाने की जानकारी दी गई है।
तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी
छह लाख क्यूसेक तक डिस्चार्ज पहुंचने की आशंका के बीच पूर्वी कोसी तटबंध के संवेदनशील हिस्सों पर इंजीनियरों और कर्मचारियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। चन्द्रायण डिविजन के 96.60 किलोमीटर, 101.23 किलोमीटर और 103.30 किलोमीटर को संवेदनशील माना गया है। इन स्थानों पर टीमों को कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
कटाव या तटबंध पर दबाव की स्थिति से निपटने के लिए बालू भरे बोरे, जियो बैग्स और बोल्डर क्रेट्स जैसे संसाधन तैयार रखे गए हैं। सुपौल के मरौना क्षेत्र में भी तटबंध के संवेदनशील हिस्सों का निरीक्षण किया जा रहा है। 17.20 किलोमीटर के स्पर पर विशेष नजर रखी जा रही है।
खगड़िया तक पहुंचने में लगेगा करीब 36 घंटे
खगड़िया में कोसी और बागमती के तटबंधों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों के अनुसार वीरपुर बराज से छोड़ा गया पानी खगड़िया तक पहुंचने में करीब 36 घंटे लेता है। इसी वजह से जिले में पहले से सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
तटबंधों की 24 घंटे निगरानी के लिए अस्थायी सुरक्षा कैंप सक्रिय किए गए हैं। बांध श्रमिकों के साथ कनीय और सहायक अभियंताओं को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, अगर वीरपुर बराज से छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है तो खगड़िया में कोसी का जलस्तर करीब एक से डेढ़ मीटर तक बढ़ सकता है।
दियारा इलाकों में माइकिंग, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
संभावित खतरे को देखते हुए कोसी तटबंध के भीतर बसे गांवों में माइकिंग कराई जा रही है। सुपौल, सहरसा, खगड़िया और नवगछिया के दियारा इलाकों में लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
आपात स्थिति के लिए सरकारी और निजी नावों को तैयार रखा जा रहा है। प्लास्टिक शीट और अन्य राहत सामग्री की भी व्यवस्था की जा रही है।
कोसी क्षेत्र के लिए स्थिति इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि हाल के कटाव में सुपौल के सत्तौर पंचायत के नारायणपुर और बिरजाईन गांवों में करीब 200 परिवार प्रभावित होकर अपने घर गंवा चुके हैं। अब नदी के बढ़ते डिस्चार्ज और संभावित छह लाख क्यूसेक पानी के अलर्ट ने इन परिवारों समेत तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। आने वाले 24 से 48 घंटे कोसी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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