Last updated: September 25th, 2026 at 10:57 am

बिहार के योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा अपने एक के बाद एक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। जमुई की नाबालिग छात्रा से जुड़ी घटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पीड़ित परिवार से मुलाकात और तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने को लेकर उठे POCSO एक्ट के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसमें कानून का उल्लंघन कैसे हुआ, यह समझ से परे है। वहीं, बिहार में लड़कियों से बदसलूकी के वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने पहले उनकी सत्यता जांचने की बात कही। उनके इन बयानों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
‘परिवार से मिलने और तस्वीर आने से POCSO का उल्लंघन कैसे?’
जमुई मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा किए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि तस्वीर से नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर होने का खतरा है और इसे POCSO एक्ट के प्रावधानों से जोड़कर कार्रवाई की मांग की थी।
भगवान सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी का जमुई क्षेत्र से पारिवारिक संबंध है और जनता के साथ भी उनका पारिवारिक रिश्ता है। मंत्री ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री के पीड़ित परिवार से मिलने और तस्वीर सोशल मीडिया पर आने से POCSO एक्ट का उल्लंघन कैसे हो गया। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया।
वायरल वीडियो पर बोले- पहले सच्चाई जांचिए
बांका के मंदार पर्वत से जुड़े युवक-युवती के साथ कथित अभद्र व्यवहार के वायरल वीडियो पर भी मंत्री से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद वीडियो नहीं देखा है। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर कई बार वीडियो को अलग-अलग घटनाओं से जोड़कर वायरल किया जाता है।
बिहार में लड़कियों से छेड़खानी की लगातार सामने आ रही घटनाओं को लेकर कुशवाहा ने इसे सरकार को बदनाम करने की साजिश भी बताया। उन्होंने कहा कि किसी वायरल वीडियो के आधार पर खबर चलाने से पहले उसकी वास्तविकता की जांच की जानी चाहिए।
समस्तीपुर की घटना पर पहले जताई अनभिज्ञता
समस्तीपुर में युवती के साथ कथित बदसलूकी की घटना को लेकर सवाल पूछे जाने पर मंत्री ने पहले कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। जब उन्हें बताया गया कि स्थानीय जेडीयू विधायक ने भी घटना की पुष्टि की है, तब उन्होंने कहा कि उनकी संबंधित एसपी से बातचीत होती रहती है, लेकिन एसपी ने उन्हें इस मामले के बारे में जानकारी नहीं दी थी।
यादव समाज को लेकर टिप्पणी पर भी विवाद
इसी बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के यादव समाज को अपराध से जोड़ने वाले बयान पर भी भगवान सिंह कुशवाहा से सवाल किया गया। मंत्री ने मांझी के आकलन का समर्थन करते हुए कहा कि जेलों में बंद लोगों के आंकड़ों से इस बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, कुशवाहा ने यादव समाज में ‘लुच्चा-लफंगा’ लोगों की संख्या अधिक होने जैसी टिप्पणी भी की। उनके इस बयान को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है।
इन बयानों के बीच जमुई की नाबालिग छात्रा से जुड़ा मामला और बिहार में लड़कियों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। वहीं, मंत्री के POCSO और सोशल मीडिया वीडियो से जुड़े बयानों को लेकर विपक्ष की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
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