Last updated: May 26th, 2026 at 04:34 am

बिहार सरकार ने आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए नई पहल शुरू की है। राज्य में DC, AC, DCLR और CO कोर्ट में लंबे समय से लंबित पड़े राजस्व और भूमि विवाद मामलों के जल्द निपटारे के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे लोगों को राहत मिलेगी और प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होगी।
अधिकारियों को जारी हुए सख्त निर्देश
इस अभियान को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र ने सभी विभागों, कमिश्नरों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सरकार ने कहा है कि राजस्व न्यायालयों में मामलों के निपटारे की रफ्तार काफी धीमी है। ऐसे में जिलों के समाहर्ता, अपर समाहर्ता, DCLR और अंचल अधिकारियों को लंबित मामलों की समीक्षा कर जल्द सुनवाई पूरी करनी होगी।
शिविर में ही मिलेगी मामलों की जानकारी
निर्देश के अनुसार जिन पंचायतों में सहयोग शिविर लगाए जाएंगे, वहां लंबित मामलों का निष्पादन शिविर से पहले पूरा करने की कोशिश की जाएगी। ताकि शिविर के दौरान संबंधित लोगों को सीधे जानकारी दी जा सके।
सरकार ने यह भी कहा है कि इन शिविरों में जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर मामले का निपटारा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसमें निलंबन और विभागीय कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
जिलाधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे आवेदकों से फीडबैक लेकर जांच करें कि मामलों का सही तरीके से समाधान हुआ या नहीं। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
लोगों को मिलेगी राहत की उम्मीद
सरकार की इस पहल को आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, क्योंकि बिहार में जमीन और राजस्व विवाद से जुड़े कई मामले वर्षों से लंबित पड़े हैं। यदि यह अभियान प्रभावी तरीके से लागू होता है तो हजारों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
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