Last updated: July 19th, 2026 at 10:51 am

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ऐसे समय में, जब विधानसभा का महत्वपूर्ण सत्र शुरू होने जा रहा है, विपक्ष के नेता का राज्य से बाहर रहना कई राजनीतिक सवाल खड़े करता है।
भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद अहम होती है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष अब तक बिहार नहीं लौटे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता उम्मीद करती है कि विपक्ष सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरे, लेकिन विपक्ष का शीर्ष नेतृत्व ही राज्य से दूर है।
नीरज कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी पोस्ट साझा करते हुए तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष की प्राथमिकता बिहार की राजनीति और जनता के मुद्दों के बजाय अन्य गतिविधियों पर अधिक दिखाई देती है।
इससे पहले जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं ने भी तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा को लेकर राजनीतिक टिप्पणी की थी। जेडीयू नेताओं ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा था कि वह विदेश में इतने व्यस्त हैं कि मानो किसी अंतरराष्ट्रीय मसले के समाधान में जुटे हों। हालांकि इसे राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा गया।
उधर, बिहार विधानसभा का मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण मुद्दों के कारण खास माना जा रहा है। सरकार जहां विभिन्न विधेयकों को सदन में पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा सत्र के दौरान तेजस्वी यादव की मौजूदगी और उनकी रणनीति पर सभी की नजर रहेगी। वहीं, सत्तापक्ष लगातार इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाने में जुटा हुआ है।
![]()
Comments are off for this post.