Last updated: September 9th, 2026 at 03:58 pm

दिल्ली में 11 से 13 सितंबर 2026 के बीच होने वाले BRICS सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था काफी बढ़ा दी गई है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। इस व्यवस्था के तहत करीब 25 हजार सुरक्षा personnel तैनात किए जा रहे हैं, जिनमें 100 से ज्यादा NSG कमांडो भी शामिल हैं। सम्मेलन का मुख्य आयोजन भारत मंडपम में होना है।
सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में तैयार किया गया है। भारत मंडपम के अलावा उन स्थानों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है जहां विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने और आने-जाने की संभावना है। सुरक्षा योजना के तहत 11 होटलों को भी विशेष सुरक्षा घेरे में रखा गया है। इन स्थानों पर अलग-अलग सुरक्षा दल तैनात किए गए हैं, ताकि प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की सुरक्षा संबंधी समस्या न हो।
NSG ने सम्मेलन से पहले ‘ऑपरेशन BRICS कवच’ के तहत मॉक ड्रिल भी की है। करीब 100 NSG कमांडो ने दिल्ली के अलग-अलग महत्वपूर्ण स्थानों पर अभ्यास किया। इनमें जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, राजघाट, भारत मंडपम और आर्मी पोलो ग्राउंड शामिल रहे। अभ्यास के दौरान संभावित आतंकी हमले, बंधक स्थिति और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी की गई। इन अभ्यासों का उद्देश्य वास्तविक आपात स्थिति में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है।
सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन से संभावित खतरे पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार महत्वपूर्ण स्थानों पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं और संभावित आपात स्थितियों के लिए तैयारियां की जा रही हैं। अधिकारियों ने सम्मेलन से पहले कई स्तरों पर अभ्यास किए हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रहे।
BRICS सम्मेलन का असर दिल्ली के यातायात पर भी पड़ने वाला है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर नियंत्रण और जरूरत के अनुसार डायवर्जन की योजना बनाई है। करीब 22 प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और VVIP काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर थोड़े समय के लिए यातायात रोका या नियंत्रित किया जा सकता है।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सम्मेलन के दौरान अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी है। खासकर नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के इलाकों में जाने वाले लोगों से वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लेने और अतिरिक्त समय लेकर निकलने को कहा गया है। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी संभावित यातायात प्रतिबंधों को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है। मेट्रो को कई यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के कारण सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली के कुछ प्रमुख इलाकों में सामान्य आवाजाही प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इसका उद्देश्य शहर को पूरी तरह बंद करना नहीं बल्कि VVIP और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। ट्रैफिक पुलिस परिस्थितियों के अनुसार मार्गों पर अस्थायी बदलाव कर सकती है।
BRICS सम्मेलन में विभिन्न सदस्य देशों और साझेदार देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत के लिए यह सम्मेलन कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आयोजन है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां आयोजन स्थल, प्रतिनिधियों के होटल और उनके आवागमन वाले मार्गों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं।
दिल्ली में सुरक्षा तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पुलिस, NSG और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है और मॉक ड्रिल के जरिए आपात परिस्थितियों में प्रतिक्रिया की तैयारी की जा रही है। 11 से 13 सितंबर के दौरान सुरक्षा और यातायात से जुड़े निर्देशों का पालन करना राजधानी में सामान्य लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण रहेगा।
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