Last updated: September 25th, 2026 at 10:41 am

पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में अब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अगली कानूनी कार्रवाई होने जा रही है। चार महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह और मामले में सह-आरोपी रहे विनोद तोमर को बरी किए जाने के आदेश के खिलाफ अपील दायर की है। इस अपील पर 26 सितंबर 2026 को सुनवाई होने की संभावना है।
3 अगस्त के फैसले को दी गई चुनौती
महिला पहलवानों ने 3 अगस्त 2026 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले को चुनौती दी है। उस आदेश में बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया गया था।
अपील में पहलवानों की ओर से दावा किया गया है कि निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया और कुछ तथ्यों को चुनिंदा तरीके से देखा गया। याचिका में फैसले को कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं होने का भी दावा किया गया है।
पीड़िताओं के व्यवहार को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी आपत्ति
अपील में महिला पहलवानों ने आरोप लगाया है कि फैसले में यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिलाओं के व्यवहार को लेकर ऐसी धारणाओं का इस्तेमाल किया गया, जिसे उन्होंने पुरानी और रूढ़िवादी सोच बताया है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि निचली अदालत का फैसला अनुमान और अटकलों पर आधारित है तथा मामले में लागू कानूनी सिद्धांतों का उचित तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया। ये सभी दलीलें अब सेशन कोर्ट के सामने रखी गई हैं।
26 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज डिग विनय सिंह के सामने होने की संभावना है। चार महिला पहलवानों की अपील में बृजभूषण सिंह के साथ सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी किए जाने के आदेश को भी चुनौती दी गई है।
अब अदालत में इस अपील पर सुनवाई के दौरान महिला पहलवानों की ओर से रखी गई दलीलों और निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाले आधारों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और अपील पर अदालत के आगे के आदेश का इंतजार है।
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