Last updated: July 21st, 2026 at 03:46 pm

राजधानी दिल्ली में CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के बाद भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। सोमवार को संसद की ओर मार्च करने के प्रयास के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए टकराव के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों ने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रखने के लिए जारी रहेगा। वहीं दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।
प्रदर्शन के बाद मंगलवार को जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती के साथ प्रदर्शन स्थल के आसपास निगरानी भी बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को तैयार रखा गया है। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
CJP से जुड़े नेताओं ने कहा कि सोमवार को संसद की ओर मार्च का उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाना था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मार्च के दौरान पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बल का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि प्रदर्शन में शामिल कई लोग घायल हुए और कुछ को हिरासत में भी लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद और नई दिल्ली के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा से आगे जाने की अनुमति नहीं थी। पुलिस के अनुसार, भीड़ के एक हिस्से ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस बीच प्रदर्शन में घायल हुए लोगों की स्थिति को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। कुछ प्रदर्शनकारियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के कारण कई लोगों को चोटें आईं, जबकि पुलिस का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक था। दोनों पक्षों के दावों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी प्रकार की हिंसा पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सामने रखना है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों से अनुशासन बनाए रखने और किसी भी उकसावे में नहीं आने की अपील भी की गई है।
प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। कुछ नेताओं ने घायल प्रदर्शनकारियों को चिकित्सा सहायता और हिरासत में लिए गए लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। दूसरी ओर, सरकार और पुलिस की ओर से कहा गया है कि लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून और सुरक्षा नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में CJP का यह आंदोलन राजधानी की राजनीति और सार्वजनिक विमर्श में महत्वपूर्ण मुद्दा बना रह सकता है।
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