Last updated: July 16th, 2026 at 11:13 am

संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने केंद्र सरकार के संभावित विधेयकों को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी कमेटी की बैठक में परिसीमन (Delimitation) और संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों का विरोध करने पर सहमति बनी है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि इन मुद्दों पर वह संसद के भीतर और बाहर विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।
करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा लाए जाने वाले कई अहम विधेयकों का विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए राजनीतिक तौर पर अनुचित तरीके अपना रही है।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य दल परिसीमन विधेयक, संविधान संशोधन, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’, एफसीआरए संशोधन तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित बदलावों जैसे मुद्दों पर संयुक्त रणनीति के तहत सरकार का विरोध करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष संसद में कई अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को भी उठाएगा, जिनमें पेपर लीक, चुनावी चंदा, एथेनॉल से जुड़े विवाद, विदेश नीति और अमेरिका के साथ संबंध जैसे विषय शामिल हैं।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, मानसून सत्र के दौरान विपक्ष का प्रयास रहेगा कि सरकार के प्रस्तावित विधेयकों पर व्यापक चर्चा हो और विपक्ष की आपत्तियों को भी गंभीरता से सुना जाए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इन विधेयकों को लेकर अपनी राजनीतिक और संसदीय लड़ाई जारी रखेगी।
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