Last updated: June 30th, 2026 at 04:24 am

चनापोरा स्थित वरिष्ठ नागरिकों के डे-केयर एवं मनोरंजन केंद्र ‘अहाता वकार’ में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ और गाश वेलफेयर फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. शुगुफ्ता राथर को स्वास्थ्य सेवा और समाज कल्याण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सामाजिक कल्याण विभाग के आयुक्त एवं सचिव सरमद हफीज (IAS) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनकी बेहतर देखभाल के लिए समाज को संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से बुजुर्गों के प्रति सम्मान, सहयोग और सेवा की भावना अपनाने की अपील की।
सरमद हफीज ने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन योजनाओं के लिए 10,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ‘लाडली बेटी योजना’ के तहत 540 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान अहाता वकार की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सेंटर में आधुनिक सुविधाएं, विशेषकर फिजियोथेरेपी उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई। इस पर सरमद हफीज ने विभाग की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सम्मान ग्रहण करने के बाद डॉ. शुगुफ्ता राथर ने कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर समर्पण और मेहनत ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने बताया कि गाश वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से कश्मीर के दूरदराज और जरूरतमंद इलाकों में हजारों लोगों को निःशुल्क नेत्र चिकित्सा, मोतियाबिंद ऑपरेशन और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही संस्था शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है।
समारोह में प्रशासन, शिक्षा, साहित्य, मीडिया और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने डॉ. राथर के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए सामुदायिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
![]()
Comments are off for this post.