Last updated: May 8th, 2026 at 06:33 am

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इनकार के बाद राज्यपाल आर.एन. रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) का इस्तेमाल करते हुए राज्य विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले के बाद ममता सरकार की कैबिनेट तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गई है और राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
राजभवन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने राज्यपाल के निर्देश पर विधानसभा भंग करने का आदेश लागू किया। बताया जा रहा है कि यह कदम उस समय उठाया गया जब विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया था।
राज्यपाल के इस फैसले ने बंगाल की राजनीति में अभूतपूर्व संवैधानिक बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत राज्यपाल के पास विधानसभा भंग करने की शक्ति होती है, लेकिन आमतौर पर इसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री की सलाह पर किया जाता है। मौजूदा हालात में राजभवन और सरकार के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है।
अब बंगाल में आगे की राजनीतिक दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सकता है या फिर जल्द नए चुनाव कराए जा सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य की सियासत में अस्थिरता और बढ़ गई है।
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